रुद्रपुर/रामलक्षन। दुकान के बाहर रखी लकड़ी चोरी होने के बाद लोगों को भला-बुरा कहने से गुस्साए ग्रामीणों ने दुकानदार पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडे से मारपीट में जख्मी दुकानदार की मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मौत हो गई। हमले में बचाव कर रहे परिवार के ही तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं। घटना रुद्रपुर कोतवाली परसा जंगल गांव है। पीड़ित परिवार के लोगों ने पास के गांव के लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
रुद्रपुर कोतवाली के परसा जंगल गांव निवासी लालबाबू चौहान (34) रुद्रपुर-देवरिया कोतवाली सीमा पर स्थित चौराहे पर लकड़ी की दुकान चलाते थे। शुक्रवार की रात चोरों ने दुकान से लकड़ी गायब कर दी। शनिवार की दोपहर वह अपनी दुकान पर पहुंचे तो लकड़ी गायब देख नाराजगी जताई। चोरी में बगल में स्थित सदर कोतवाली क्षेत्र के बढ़या बुजुर्ग गांव के युवकों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए भला-बुरा कहा। बताते हैं कि इससे नाराज बढ़या बुजुर्ग गांव के दर्जनों युवक लाठी-डंडा, रॉड लेकर पहुंचे और दुकानदार पर हमला कर दिया। दुकानदार की जमकर पिटाई की। हमले में उसके सिर में गंभीर चोट आई। दुकानदार को बचाने में उसके परिवार के संजय चौहान, टिंकू चौहान और अनारकली देवी को भी गंभीर चोट आई। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां लालबाबू की हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। तीनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना के संबंध में परिजनों ने देवरिया कोतवाली में तहरीर दी है। देवरिया पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर जांच कर रही है। सदर एसओ विजय बहादुर गौड़ ने बताया कि एक मामले की छानबीन में बाहर हूं। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
रुद्रपुर। लालबाबू चौहान की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पत्नी समेत माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। लालबाबू की मौत से जहां बुजुर्ग मां-बाप के बुढ़ापे की लाठी टूट गई, वहीं उसके तीन बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया है। पत्नी सविता की मांग उजाड़ने वाले हमलावरों को बचाव कर रहे लोगों के गिड़गिड़ाने पर भी तरस नहीं आई। लाठी और रॉड से लैस हमलावर हर वार जान लेने के लिए हो रहा था। लकड़ी दुकान से परिवार का भरण पोषण करने वाला लालबाबू की मौत के बाद उसके बुजुर्ग मां प्रभावती और पिता जितई की चित्कार से पूरा मंजर गमगीन हो गया है। तीन बेटे राहुल, शिवम और अभिनव की परवरिश को लेकर पूरा गांव चिंतित हैं। बार-बार अचेत हो रही पत्नी सविता को कुछ समझ में नहीं आ रहा है। चौहान परिवार के सबसे होनहार और कमाऊ सदस्य की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं।