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केंद्रीय विद्यालय की जमीन से हटा बबलू का कब्जा

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केंद्रीय विद्यालय के जमीन पर वर्षो से काबिज जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाया। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। सत्ता की हनक और रसूख के दम पर केंद्रीय विद्यालय की जमीन पर वर्षों से काबिज जिला पंचायत अध्यक्ष का कब्जा शुक्रवार को जिला प्रशासन ने खाली कराया। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए आरोपी अध्यक्ष के समर्थक सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अधिक जमीन पर कब्जा होने के कारण एक दिन में पूरी तरह जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सकी। अभियान शनिवार भी चलेगा।
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अमेठी गांव में केंद्रीय विद्यालय के लिए 9.673 एकड़ जमीन वर्ष 2009 में आवंटित की गई थी। इसके समीप जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव का ईंट भट्ठा है। रामप्रवेश ने केंद्रीय विद्यालय की करीब चार एकड़ जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। इसी जमीन में खनन कर कच्ची ईंटें बनाई जा रही थीं। विद्यालय प्रशासन ने कई बार जमीन खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन सत्ता में होने के कारण अफसर भी अतिक्रमण खाली कराने की हिम्मत नहीं जुटा रहे थे। दीपक मणि का अपहरण कर जबरन जमीन बैनामा कराने के बाद कानून के शिकंजे में आए जिला पंचायत अध्यक्ष का कब्जा विद्यालय की जमीन से शुक्रवार को खाली कराया गया।
20 मई को इसी जमीन पर केंद्रीय विद्यालय के शिलान्यास के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री व सांसद कलराज मिश्र भूमि पूजन करेंगे। इसे लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। डीएम ने एक दिन पूर्व निरीक्षण कर जमीन से अतिक्रमण खाली कराने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अतिक्रमण खाली नहीं कराया गया। शुक्रवार को तीन जेसीबी की मदद से पूरे दिन अतिक्रमण हटाने का काम चला। इस दौरान केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल रविशंकर राव भी मौजूद रहे। नायब तहसीलदार रामसहाय दुबे ने बताया कि करीब चार एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है। शनिवार को भी कब्जा हटवाया जाएगा।
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सत्ता पक्ष के एक नेता का भी कब्जा होने की चर्चा
केंद्रीय विद्यालय की जमीन पर सत्ता पक्ष के एक संगठन से जुड़े नेता का भी कब्जा होने की बात कही जा रही है, लेकिन प्रशासन इसे सिरे से खारिज कर रहा है और सिर्फ रामप्रवेश यादव का कब्जा होने का दावा कर रहा है। चर्चा है कि सत्ता में होने के कारण प्रशासन दूसरे अतिक्रमणकारी का नाम नहीं ले रहा है।
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