सन्नाटे को तोड़ रही थी महिलाओं की सिसकियां
नहीं मनी मकर संक्रांति, गांव में छाया रहा मातम
कैंप कर रही पुलिस, दरवाजे पर पहुंचे रहे लोग बढ़ा रहे ढ़ांढ़स
अमर उजाला ब्यूरो
लार। ग्राम प्रधान सुनील की हत्या का गम और तनाव तीसरे दिन भी गांव में देखने को मिला। घर के भीतर से महिलाओं की सिसकियां गांव में सन्नाटे को चीर रही थी। दरवाजे पर पहुंच रहे लोग परिवार को सांत्वना दे रहे थे, लेकिन खुद को संभालने में बेबस पा रहे थे। तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी और पुलिस कैंप कर रही है। गांव में मकर संक्रांति का त्योहार नहीं मनाया गया। मटियरा जगदीश गांव के युवा प्रधान सुनील यादव की हत्या बदमाशों ने रविवार की शाम को कर दी थी। घरवालों ने गांव के पूर्व प्रधान समेत पांच लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। पूर्व प्रधान के घरवाले और इनके करीबी गांव छोड़कर भाग गए हैं। कैंप कर रही पुलिस गांव की गलियों में भ्रमण कर रही है। मंगलवार को दरवाजे पर प्रधान के जानने वाले और सपा नेता पहुंचे। घर के अंदर से आ रही महिलाओं की सिसकियों को सुनकर लोगों की आंखें भर आईं। प्रधान के पिता और भाइयों को लोग ढाढ़स बढ़ा रहे थे और घरवाले इंसाफ दिलाने मांग करते नजर आए। गांववालों की माने तो रात को कई बार पुलिस की गाड़ियां आईं। इस घटना को लेकर गांव और लार नगर में दहशत का माहौल है। बाजार में दिखने वाले लोग शाम ढलते ही घरों में चले जा रहे हैं और दुकानें भी बंद हो जा रही हैं। छपरा मोड़ के दुकानदार इस घटना को लेकर भयभीत हैं।