अपने हुए बेगाने, चार दिन से जेल में बंद गिरिजा से मिलने कोई नहीं पहुंचा
प्वाइंटर
- संचालिका से दिन में कई बार मिलने वाले लोग अब नाम लेने से भी कर रहे परहेज
- कंचनलता के ‘नारी सशक्तिकरण’ व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े कई लोग खुद बाहर हुए
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लंबे सफर के बाद फर्श से अर्श पर पहुंची बालिका गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने कभी सोचा भी न होगा कि उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी। हाल ये है कि आरोपी महिला के संपर्क में रहने वाले तमाम अपने भी बेगाने हो गए। चार दिन गुजरने के बाद भी सलाखों में बंद संचालिका और उसके पति से कोई मुलाकात तक करने नहीं पहुंचा।
सामान्य परिवार से ताल्लुकात रखने वाली गिरिजा त्रिपाठी वर्ष 2009 से एक ही छत के नीचे रेलवे स्टेशन रोड पर बालिका संरक्षण गृह, शिशु गृह समेत तीन संस्था चलाती थी। इसमें उसकी बेटी कंचनलता और पति मोहन त्रिपाठी भी हाथ बंटाते थे। सुबह से शाम तक बड़े अफसरों के बीच दिन गुजारने वाली गिरिजा से शहर के तमाम नामचीन लोग संपर्क में रहते थे। कंचनलता व्हाट्सएप पर ‘नारी सशक्तिकरण’ नाम से एक ग्रुप चलाती थी। इसमें शहर के कई समाजसेवी और प्रभावशाली लोग भी शामिल थे। पांच अगस्त की रात एसपी रोहन पी. कनय ने बालिका गृह कांड के पर्दाफाश का दावा किया। उस दिन से संचालिका के तमाम करीबी भूमिगत हो गए और ‘नारी सशक्तिकरण’ ग्रुप से खुद को अलग कर लिया। दिन में कई बार संचालिका से मिलने वाले भी अब उसका नाम लेने से परहेज कर रहे हैं। और तो और कई माह से गिरिजा से कोई संपर्क न होने का दावा कर रहे हैं। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि जेल में अभी तक गिरिजा या मोहन त्रिपाठी से कोई भी मिलने के लिए नहीं आया है।
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पांचवी बार सीबीआई के रडार पर है देवरिया
- एनआरएचएम घोटाले की जांच के लिए पहली बार देवरिया आई थी सीबीआई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालिका गृह कांड का पर्दाफाश होने के बाद देवरिया पांचवीं बार सीबीआई के रडार पर है। जिला प्रशासन की ओर से तीन दिन पूर्व घटना की सीबीआई जांच कराने के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। दो से तीन दिन के अंदर सीबीआई के देवरिया आने की उम्मीद जाताई जा रही है। पहली बार सीबीआई एनआरएचएम घोटाले में फंसे बरहज के पूर्व विधायक दिवंगत रामप्रसाद जायसवाल के घर आई थी। इसके बाद अवैध बालू खनन की जद में प्रदेश के कई जिलों में देवरिया भी शामिल था। कई दिन तक जिले में सीबीआई ने डेरा डाला था और बालू घाटों का निरीक्षण कर ठेकेदारों व अफसरों के बयान दर्ज किए थे। एनआरएचएम घोटाले की जद में आए सीएमओ और स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ और जांच के लिए भी सीबीआई आई थी। एक साल पहले भटनी नगर के सेंट्रल बैंक में घूस लेते हुए बैंक मैनेजर को सीबीआई टीम ने गिरफ्तार किया था। इस बार बालिका गृह कांड की जांच के लिए फिर सीबीआई टीम आएगी।
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इनसेट
बाल कल्याण समिति भंग, आदेश का इंतजार
देवरिया। बालिका गृह कांड के बाद जिले में काम करने वाली बाल कल्याण समिति की भूमिका भी संदिग्ध है। 16 दिसंबर, 2016 को इसका गठन हुआ था। वाराणसी के रहने वाले इसके अध्यक्ष श्रीकांत यादव और सदस्य कनकलता द्विवेदी, रंजना तिवारी, प्रतिभा श्रीवास्तव, कौशल किशोर थे। नियमानुसार टीम की बिना अनुमति से बालगृह और बालिका गृह या कोई भी संस्था बच्चों, किशोरों को नहीं रख सकती थी। टीम के सदस्य इसकी मॉनीटरिंग करेंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं था। अध्यक्ष और सदस्यों का पता तक नहीं था। प्रदेश स्तर से हुई कार्रवाई में टीम को भंग कर दिया गया है, लेकिन जिले पर कोई आदेश नहीं आया है। बाल कल्याण टीम का रजिस्टर अफसरों ने कब्जे में ले लिया है और इसकी जांच की जा रही है।