देवरिया। पिपरपाती गांव में दलित दंपती की हत्या की मिस्ट्री पुलिस ने सुलझा दी। चार दिनों से खुलासे में लगी आठ टीमों के हाथ जब खाली रह गए तो पुलिस ने नामजद आरोपी को संदेह के आधार पर जेल भेज दिया। हत्या की वजह, घटना में शामिल आरोपियों की संख्या के बारे में पुलिस के पास जानकारी नहीं है। हालांकि नामजद के अलावा अन्य बिंदुओं पर पुलिस की विवेचना जारी रहेगी।
एडिशनल एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने डबल मर्डर का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि पांच जून की रात सदर कोतवाली के पिपरपाती गांव निवासी सत्यनारायण और पत्नी शांति देवी की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी गई थी। गर्दन की हड्डी भी टूटी थी। दोहरे हत्याकांड में पुलिस की कई टीमें लगी थीं। संदेह के आधार पर पुलिस ने कोतवाली थानाक्षेत्र के गंभीरपुर निवासी गांव में नेवासदान लक्ष्मीशंकर तिवारी पुत्र अनिरूद्व तिवारी को चकियवां ढाले के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी लक्ष्मीशंकर ने हत्या करने की बात को स्वीकार नहीं किया। लेकिन मृतक के घरवालों के बयान और भैंस के विवाद में कई बार मारपीट की धमकी दी जा चुकी थी। इस आधार पर लक्ष्मीशंकर तिवारी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। पुलिस के चेहरे पर दबाव झलक रहा था। यही वजह रही कि एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि विवेचना जारी है। नामजद आरोपी के अलावा पुलिस अन्य बिंदुओं की पड़ताल कर रही है।