खुखुंदू न्यू पीएचसी खुखुंदू में प्रभारी चिकित्साधिकारी का पद खाली है तो वहीं फार्मासिस्ट गायब मिले। उधर, बीएएमएस डाक्टर अपने कक्ष में बैठकर मरीज देख रहे थे। लेकिन वह भी अधिकतर दवा बाहर का लिख रहे थे। बताते चलें, देवरिया और सलेमपुर के बीच में स्थापित न्यू पीएचसी खुखुंदू बहुत ही महत्वपूर्ण है।
यहां एमबीबीएस डाक्टर की तैनाती होने पर बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते है। मगर दुर्भाग्य यह है कि यह पीएचसी विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से महत्वहीन बनकर रह गया है। यहां कुछ दिन एमबीबीएस डाक्टर रहने के बाद ट्रांसफर कर दिया जाता है। जिसके चलते लोगों को झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाकर महंगा इलाज कराना पड़ता है।
सोमवार दिन में करीब 11.20 पर अस्पताल पहुंचने पर फार्मासिस्ट की कुर्सी खाली पड़ी थी। इस दौरान करीब 26 मरीजों का इलाज किया गया था। डाक्टर जेपी मोर्या ने बताया कि बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या ज्यादा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में जो दवा मौजूद है,वही दवा लिखी जा रही है। बाहरी दवा लिखने का आरोप बेबुनियाद है।