सलेमपुर। दो साल पूर्व शादी हुई एक नवविवाहिता का लखनऊ के एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मंगलवार दोपहर मौत हो गई। जिसके बाद मृतका के परिजन शव को लेकर अपने पैतृक गांव चकिया बुधवार की भोर में लेकर पहुंचे। दाह संस्कार करने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच मृतक नवविवाहिता के मायके वालों ने हत्या करने की बात कहकर अंतिम संस्कार कराने से रोक दिया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल गोपाल पांडेय ने दोनों पक्ष के लोगों से वार्ता की, लेकिन मृतक महिला के मायके वाले शव का पोस्टमार्टम कराने की बात पर अड़े रहे। पुलिस की सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार गोपाल जी की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के चकिया गांव निवासी बलराम यादव की शादी दो वर्ष पूर्व गोरखपुर के गगहा निवासी भगवान यादव की बेटी रीना देवी (28) वर्ष से हुई। उसके बाद बलराम यादव अपनी पत्नी को लेकर लखनऊ के अपने निजी मकान पर चला गया। जहां रीना अपने सास ससुर के साथ रह रही थी। रीना का पति गीडा में नौकरी करता है। जिसके चलते वह गीडा ही किराए के मकान में रहता है। छुट्टी के दिन अपने परिवार में जाया करता है। रीना के ससुराल वालों के मुताबिक सोमवार को रीना की अचानक तबीयत खराब हुआ। जिसके बाद उसे लखनऊ के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार दोपहर तकरीबन तीन बजे उसकी मौत हो गई। कोतवाल गोपाल पांडेय ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों के बारे में जानकारी मिल पाएगी।