देवरिया। पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा सोमवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में हुई। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत में नियुक्त हुए प्रशासकों की कार्य अवधि के भुगतान से संबंधित लंबित जांच को 48 घंटे में पूरा करने का निर्देश सभी एसडीएम को दिया।
उन्होंने कहा कि संबंधित एडीओ पंचायत की जिम्मेदारी होगी कि वह एसडीएम से समन्वय स्थापित करते हुए जांच प्रक्रिया को पूरा कराएं और अभिलेख भी उन्हें उपस्थित कराएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। ऐसा मिलने पर जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित को दंडित किया जाएगा।
डीएम ने सीडीओ से कहा कि 48 घंटे बीतने के बाद जिन्होंने लापरवाही बरती हो उन पर कार्रवाई से संबंधित एक्शन पत्र तैयार कर प्रस्तुत करेंगे, ताकि उसके अनुसार प्रतिकूल प्रविष्टि व निलंबन की कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी ने पंचायत विभाग के तहत कार्य परियोजनाओं के निर्माण के लिए अन्नपूर्णा भवन, पंचायती भवन, आरआरसी सेंटर के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने में सक्रियता दिखाने का निर्देश दिया।
आदर्श गांव में खराब प्रगति पाए जाने पर विकासखंड भागलपुर के पंचायती अभियंता को सुधार लाने की चेतावनी दी। इन्हें दो जगह भागलपुर एवं तरकुलवा ब्लॉक का प्रभार होना बताए जाने पर तरकुलवा ब्लॉक का प्रभार हटाए जाने का भी निर्देश दिया। इस दौरान सीडीओ प्रत्यूष पांडेय, डीपीआरओ सर्वेश पांडेय, एसडीएम रुद्रपुर रत्नेश तिवारी, बरहज अवधेश निगम, डीपीओ कृष्णकांत राय, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।