ठंड बरपा रही कहर, हांफते अस्पताल पहुंच रहे सांस के मरीज
- चेस्ट विभाग में एलर्जी, सांस रोग से पीड़ितों की संख्या में इजाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड कहर बरपा रही है। इससे सांस, दमा व एलर्जी के मरीजों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व टीबी विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हांफते हुए लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों को बचाव के साथ नियमित दवा लेने की सलाह दे रहे हैं।
जनपद में करीब 20 दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से लोग बेहाल हैं। इसका असर पुराने सांस, दमा तथा एलर्जी के मरीजों पर पड़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही इन पर भारी पड़ रही है। सर्दी के मौसम में सूडोमोनास बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिससे सांस व दमा के मरीजों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। उन्हें बलगम आने के साथ सांस फूलती है, सीने में दर्द, सांय-सांय की आवाज होना व सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग के संक्रमित होने की संभावना रहती है, उन्हें निमोनिया हो सकता है। ऐसे में सावधानी आवश्यक होती है। ठंड बढ़ने के साथ अस्पताल आने वाले मरीज बढ़ गए हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी में सांस के 60, एलर्जी के 20, टीबी के 10, मेडिसिन में करीब 20 तथा इमरजेंसी में सांस की बीमारी से पीड़ित 20 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसके अलावा आंख में खुजली, आंख व नाक से पानी आने, सिर दर्द की शिकायत लेकर भी लोग आ रहे हैं।
----------
इनहेलर का नहीं होता दुष्प्रभाव
- ठंड में सांस और एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। उनके लिए बचाव जरूरी है। इस मौसम में उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। सांस के पुराने व एलर्जी के मरीज मुंह से सांस लेते हैं, जिससे ठंडी हवा अंदर जाती है और फेफड़े की नली सिकुड़ जाती है। दमा के मरीजों को बलगम भी आता है। इधर-उधर थूकने से दूसरे को संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इस तरह के लोगों को नियमित दवा लेनी चाहिए। ऐसे मरीजों के लिए इनहेलर कारगार होता है। इसका दुष्प्रभाव नहीं होता है। इसे जरूरत के मुताबिक लेना चाहिए, इससे जल्द आराम मिलता है। इसके न लेने से कभी-कभी भयावह स्थिति भी हो सकती है।
- डॉ. अनुराग शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर चेस्ट व टीबी विभाग
---------------
यह सावधानी बरतें
- ठंड से बचें, गर्म कपड़े से शरीर को ढंक कर रखें,
- सिर पर टोपी व पैर में मोजा पहने रहें
- मास्क लगाकर रहें
- धूल, धुंआ व सर्द हवा से बचें, अनावश्यक बाहर न निकलें
- चाय का सेवन कम से कम करें
- खट्टी, तली चीजों, अचार, घी, पापड़, मूली के सेवन से परहेज करें
- घर के अंदर की योग व हल्का व्यायाम करें
- सफाई पर ध्यान दें, हाथों को धोकर भोजन करें