नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत मामला, 40 घंटे बाद भी नहीं दर्ज हुआ केस
अस्पताल संचालक व कर्मी परिजनों को मैनेज करने में जुटे
भटनी। नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत के मामले में सोमवार को सीएमओ डॉ. राजेश झा ने जांच शुरू की। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी से मामले की जानकारी लेने के बाद परिजनों को पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है।
सूत्रों के अनुसार, इसकी जानकारी मिलते ही अस्पताल संचालक व कर्मी परिजनों व पुलिस को मैनेज करने में जुट गए है। यही वजह है कि घटना के करीब 40 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर मुकदमे की कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मामले में आशा की भूमिका नहीं होने की बात कही है।
भटनी के रायबारी गांव निवासी अमर जीत सिंह की पत्नी निभा सिंह को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार आशा कर्मी के झांसा में आकर वे महिला को लेकर नगर के एक निजी अस्पताल में पहुंचे। जहां बच्ची को जन्म देने के बाद प्रसूता की हालत खराब होने लगी। आनन फानन में उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल से जाते समय रास्ते में प्रसूता की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने निजी अस्पताल में हंगामा किया।
जानकारी पर पहुंची पुलिस से शिकायत करने पर महिला का पोस्टमार्टम कराया गया। लेकिन इसके बावजूद अभी तक पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज नहीं किया है। पुलिस परिजनों की ओर से तहरीर नही देने और बुलाने पर नही आने की बात कह रही है। वही मामले की जांच सीएमओ कर रहे हैं। उन्होंने ने सोमवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी से मामले की जानकारी ली और मंगलवार को पीड़ित परिजनों से मिलने की बात कही है। एसओ उदय शंकर कुशवाहा ने बताया कि परिजनों को तहरीर लेकर बुलाया गया है, लेकिन वे किन्ही कारणों से आ नहीं पाए। तहरीर मिलने पर आरोपियों पर केस दर्ज किया जाएगा।