86 गांवों को मिलेगी शहर की बिजली
बिजली निगम तैयारी में जुटा, बदले जाएंगे पोल और तार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले की देवरिया और बरहज नगर पालिका सीमा, नई नगर पंचायतों में शामिल गांवों को शहर की बिजली देने की कवायद शुरू हो गई है। एक बात जरूर है कि शहर की बिजली दो घंटे अधिक मिलेगी, लेकिन बदले में उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट के हिसाब अधिक दाम देना होगा। बिजली निगम शहर की बिजली में तब्दील करने के लिए इन गांवों का आगणन तैयार कर रहा है।
सीमा विस्तार के कारण नगर पालिका देवरिया में 23, बरहज में आठ, नई नगर पंचायत बैतालपुर में 14, पथरदेवा में आठ, तरकुलवा में सात, मदनपुर में छह , भलुअनी में 14, हेतिमपुर में छह गांव शामिल हुए हैं। बिजली निगम इन गांवों के बिजली कनेक्शन को शहर कनेक्शन के रूप में बदलने लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसके लिए इन गांवों का आगणन तैयार किया जा रहा है। पोल, तार और ट्रांसफॉर्मर की क्षमता भी बढ़ाई जानी है। नवंबर माह में इसका प्रस्ताव निगम शासन को भेजने की तैयारी में है।
दो घंटे अधिक मिलेगी बिजली, बिल आएगा अधिक
देवरिया। निगम के अफसरों के अनुसार देहात की बिजली साढ़े तीन रुपये से साढ़े पांच रुपये प्रति यूनिट होती है। जबकि शहर की बिजली साढ़े पांच रुपये से साढ़े छह रुपये प्रति यूनिट होती है। बिजली आपूर्ति पर नजर डाली जाए तो देहात में 18 घंटे बिजली मिलती है। जबकि नगर पंचायत में शामिल गांवों को 22 घंटे बिजली दी जाएगी। जबकि देवरिया और गौरा बरहज नगर पालिका में शामिल 31 गांवों को 24 घंटे बिजली दी जाएगी। इतना ही नहीं कनेक्शन लेने के लिए भी अधिक दाम देने होंगे।
कोट
जो गांव नगरीय सीमा में शामिल हुए हैं। वहां पर शहर की बिजली दी जाएगी। बिल की वसूली भी शहरी कनेक्शन का होगा। इसके लिए निगम आगणन तैयार कर रहा है। शासन को प्रस्ताव बना कर भेजा जाएगा।
-जीसी यादव अधीक्षण अभियंता
नगरीय सीमा में शामिल गांवों में बनेंगे प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी
देवरिया। परियोजना अधिकारी डूडा विनोद कुमार मिश्र ने बताया है कि नवसृजित निकाय नगर पंचायत हेतिमपुर, मदनपुर, भलुअनी और नगर पालिका परिषद देवरिया, गौर बरहज के सीमा विस्तारित गांवों के लोगों को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नए आवासों के डीपीआर मांगे गए हैं। एक और दो नवंबर को नवसृजित निकाय शिविर का आयोजन किया जाएगा। लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित पुत्र और अविवाहित पुत्रियां शामिल होंगी, जिनके परिवार के पास या तो उसके नाम से अथवा उसके परिवार के सदस्य के नाम से मकान नहीं होना चाहिए। लाभार्थी की वार्षिक आय तीन लाख तक होनी चाहिए।