रुद्रपुर। फतेहपुर गांव में पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव के मकान की पैमाइश के विरोध में हुए हंगामे के दौरान क्षेत्र के स्कूली बच्चे दहशतजदा रहे। बैरियाघाट चौराहे पर हंगामे के बीच स्कूली छात्रों की छुट्टी कर दी गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस को देख चौराहे से गुजर रहे विद्यार्थी सहम गए। हंगामे के बीच किसी तरह वे घर पहुंचे। चौराहे पर हंगामे की सूचना पर अधिकांश अभिभावक भी तत्काल बच्चों को लाने के लिए पहुंच गए।
सोमवार को बैरियाघाट पर करीब तीन घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। फतेहपुर गांव के अभयपुर टाेले में पैमाइश के दौरान हंगामे की आशंका को देखते हुए अभयपुर और भटौली टोले के परिषदीय स्कूलों में बच्चों को अभिभावकों ने स्कूल नहीं भेजा। घटना के दिन से ही स्कूलों में सन्नाटा पसरा है। वहीं चौराहे के प्राइवेट स्कूलों में बच्चे पढ़ने पहुंचे थे। बैरियाघाट चौराहे पर प्रदर्शन के बारे में जानकारी जुटाने में पुलिस का खुफिया तंत्र भी फेल हो गया। अचानक सैकड़ों युवक सड़क पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।
अचानक इस प्रदर्शन को देख चौराहे के दुकानदार सन्न रह गए। पुलिस के पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हुए। दोबारा दो बजे हंगामे के बीच ही प्राइवेट स्कूल वालों ने बच्चों की छुट्टी कर दी। चौराहे पर प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच फतेहपुर में जाने को लेकर बहस चल रही थी और बीच से प्राइवेट स्कूलों के प्राथमिक और जूनियर के स्कूली छात्रों की आवाजाही शुरू हो गई। कुछ लोगों ने प्रदर्शन स्थल के किनारे से स्कूली छात्रों को उनके घर जाने का रास्ता दिया।