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Deoria News: दरवाजे पर बनी टंकी में डूबने से मासूम की मौत

Mon, 18 Dec 2023 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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महुआडीह के घुड़ीपाकड़ गांव का मामला, साथियों के साथ खेल रही थी मासूम
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देवरिया। घुड़ीपाकड़ गांव में एक व्यक्ति के दरवाजे पर नाबदान के पानी की निकासी के लिए बनाई गई टंकी में रविवार की शाम उनकी मासूम बच्ची खेलने के दौरान गिर गई। इससे वह पानी में डूब गई। साथ खेल रहे बच्चों के शोर मचाने पर घर के लोगों को मासूम के डूबने की जानकारी हुई। उसे बाहर निकाला गया। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
महुआडीह थानाक्षेत्र के घुड़ीपाकड़ गांव के प्रवीण शर्मा रामपुर गौनरिया चौराहा पर सैलून चलाते हैं। रविवार की शाम को उनकी पांच वर्षीय बेटी वैष्णवी शर्मा मोहल्ले के बच्चों के साथ अपने दरवाजे पर खेल रही थी। इसी बीच वह दरवाजे पर बनी नाबदान के पानी की निकासी के लिए बनवाई गई टंकी में गिर गई। उस पर स्लैब नहीं लगा था। बच्चों ने उसे गिरते देख बचाने की कोशिश की। पर सफल नहीं हो सके और वैष्णवी डूब गई। बच्चे डर कर वहां से भाग गए। उसी में से एक बच्ची ने घर जाकर अपनी दादी से यह बात बताई।
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दादी ने प्रवीण शर्मा के घर जाकर बच्ची के गिरने की बात कहीं। उधर, बच्ची को खोज रहे घर के लोगों को डूबने की जानकारी हुई, तो उनके होश उड़ गए। टंकी में से मासूम को बाहर निकाला गया। उसे कुशीनगर के हाटा सीएचसी ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बात की जानकारी होते ही घर में चीख - पुकार मच गई। पिता प्रवीण, माता पूजा शर्मा व बड़ा भाई वैभव (7) का रो - रोकर बुरा हाल हो गया।
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नाली बनवाने के लिए महीनों से चक्कर लगा रहे थे प्रवीण
परिवार और गांव के लोगों के अनुसार, प्रवीण शर्मा अपने घर के नाबदान के पानी की निकासी को नाली बनवाने के लिए प्रधान के घर का महीनों से चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर प्रवीण ने थक हारकर किसी तरह अपने दरवाजे पर नाबदान के पानी की निकासी के लिए टंकी बनवाई, लेकिन, रुपये नहीं होने की वजह से वह उस पर स्लैब नहीं लगवा पाए। इसी बीच खेलने के दौरान उनकी बच्ची उसमें गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। मासूम की इस तरह हुई मौत से बदहवास मां और पिता सहित गांव के कई लोगों का कहना है कि गांव के अन्य लोगों की तरह प्रवीण के घर के नाबदान के पानी की निकासी की व्यवस्था करा दी गई होती तो शायद वैष्णवी की जान नहीं जाती।
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