- आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। फर्जी शिक्षक का झांसा देकर 47 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर शनिवार को आरोपियों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जालसाजों के गिरोह ने चार लोगों को शिकार बनाया है।
भाटपाररानी थाना क्षेत्र के ग्राम जगहथा निवासी दुर्गेश कुमार पुत्र मोहन प्रसाद ने प्राथमिकी में कहा कि उनकी मुलाकात 2018 में आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के ग्राम जीवली निवासी राजकुमार यादव से लखनऊ में टीईटी परीक्षा के दौरान हुई। उसने दुर्गेश कुमार को नौकरी लगवाने के झांसा में ले लिया। उसे लेकर अपने गिरोह के बलिया निवासी वीरेंद्र सतपाल पुत्र शिवनाथ, संजीत कुमार श्रीवास्तव उर्फ मन्नूलाल, साक्षी श्रीवास्तव पुत्री सुजीत कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात कराई।
उन लोगों के आश्वासन में आकर दुर्गेश कुमार अपने परिचित पंकज पुत्र रमनरेश, पूनम पुत्री रामेश्वर प्रसाद, गंगेश कुमार पुत्र महेंद्र प्रसाद, मुंजेश कुमार पुत्र सनहू, रीता देवी पत्नी जितेंद्र के साथ मुलाकात कराया। मुलाकात के दौरान गिरोह के लोगों ने सभी को टीईटी का फर्जी प्रमाणपत्र पकड़ा दिया और लोगों से नौकरी लगवाने का आश्वासन देते हुए 15-15 लख रुपये की मांग की। झांसे में आकर सभी लोगों ने जालसाजों के खाते में 47 लाख रुपये भेज दिए।
कुछ दिन बाद जब नौकरी नहीं लगी, तो इन लोगों को शंका हुई और पैसों की मांग करने लगे। इस पर आरोपी राजकुमार यादव पुत्र रामलाल यादव ने कोटक बैंक महिंद्रा बैंक का 10 लाख रुपये का चेक दे दिया। दुर्गेश द्वारा जब चेक बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद मोबाइल पर बात की तो जालसाजों ने जानमाल की धमकी देते हुए फोन काट दिया। इसकी शिकायत अभ्यर्थियों ने पुलिस से की कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को भाटपार रानी थाना की पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर की है और विवेचना में जुटी हुई है। सीओ एसपी सिंह ने बताया है कि मुकदमा दर्ज हो गया है। घटना की जांच की जा रही है।