पासपोर्ट और बीजा लेकर एजेंट फरार, भटक रहे युवक, मध्यस्थ कंपनी संचालक ने दी तहरीर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। विदेेश भेजने के नाम पर एक एजेंट क्षेत्र के करीब 32 युवकों से करीब 50 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। रसिया में नौकरी दिलाने के नाम पर उसने युवकों को विश्वास में लेने के लिए एयरपोर्ट से उड़ान भरने की तारीख और फर्जी बीजा, टिकट भी थमा दिया था। इन्हें 12 अप्रैल को मुंबई के छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट से रसिया के लिए उड़ान भरना था। एजेंट के फरार होने के बाद से जहां युवक इधर-उधर भटक रहे हैं, वहीं रविवार को युवक व कंपनी के संचालक रामसिंगार चौरसिया ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस को दी तहरीर में बालू छापर गांव निवासी व एक कंपनी के संचालक रामसिंगार चौरसिया ने कहा है कि नगर-क्षेत्र के अलावा अन्य जगहों के करीब 32 युवकों ने रसिया जाने के लिए मुंबई की एक कंपनी के एजेंट के खाते में एक-एक लाख रुपये जमा किए थे। जिनकी 12 अप्रैल को मुंबई से उड़ान थी। एजेंट की ओर से सभी को एयरपोर्ट पहुंचने को कहा गया, लेकिन नियत समय पर एजेंट के न पहुंचने से सभी को मायूस लौटना पड़ा। यह भी कहना है कि सभी का पासपोर्ट भी एजेंट ने रख लिया है। रसिया न पहुंचने और एजेंट का कुछ पता नहीं चलने पर बेरोजगार युवक स्थानीय कंपनी का चक्कर लगा रहे हैं। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंसेट में-
पापी पेट के चलते कहीं के नहीं रहे बेरोजगार युवक, लिया है कर्ज तो किसी ने बेची है जमीन
बरहज। बढ़ती बेरोजगारी के कारण नगर-क्षेत्र के अलावा अन्य जगहों के करीब 32 युवक रसिया जाने की तैयारी में थे। पर एजेंट उनके मंसूबों पर पानी फेरते हुए फरार हो गया। पापी पेट के कारण युवक कहीं के नहीं रहे। विदेश जाने के लिए किसी ने कर्ज, तो कोई जमीन बेंचकर पैसा इकठ्ठा किया था। हालांकि मध्यस्था कर रही कंपनी के संचालक रामसिंगार ने थाने पर तहरीर देकर गुहार लगाई है।
विदेश जाने के लिए हरेकृष्ण मिश्र, शेषनाथ यादव, संजीत कुमार, रत्नेश चौरसिया सहित 32 युवकों ने नौकरी न मिलने पर बेरोजगारी से थकहार विदेश जाने का फैसला किया। सभी ने किसी तरह रुपये इकठ्ठा कर कंपनी के मातहत एजेंट के खाते में पैसा ट्रांसफर किया। 11 अप्रैल को बदलते दिन के सपने सजोए घर से निकले युवक मुंबई पहुंचे, लेकिन उनकी उड़ान नहीं हुई। ठगे जाने की जानकारी होने पर सभी के पांव तले जमीन खिसक गई। युवक अपने पैसे के लिए चक्कर काट रहे हैं। वहीं एजेंट के विदेश भागने की फिराक में होना बताया जा रहा है। सभी युवक करीब सवा-सवा लाख रुपये एजेंट के खाते में भेज चुके हैं। बेरोजगार युवकों के अनुसार कोई जमीन बंधक रखकर, तो किसी ने नात-रिश्तेदारों से कर्ज लेकर पैसा जमा किया है। कुछ के जमीन बेचने की भी बात कही जा रही है। बेरोजगार युवकों के साथ हुई नाइंसाफी से सभी हतप्रभ हैं।
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विदेश में नौकरी का सब्जबाग दिखाकर ठगे जा रहे बेरोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विदेश में नौकरी का सब्जबाग दिखाकर बेरोजगारों को ठगने का काम किया जा रहा है। अपंजीकृत संस्थाएं मोटी रकम लेकर फर्जी बीजा और टिकट थमा दे रही हैं। जिले के कई जगहों पर एजेंटों ने पूर्वांचल और बिहार के बेरोजगार युवकों को निशाना बनाया है। कई युवकों ने अपने परिवार की गाढ़ी कमाई और कर्ज लेकर एजेंट को दे दिए। उन्हें नौकरी भी नहीं मिली और पैसा भी डूबने का भय सता रहा है।
इससे पहले भी विदेश भेजने के नाम पर ठगी का काम किया जा चुका है। पीड़ित थाने और पुलिस का चक्कर लगाते थक जाते हैं और उनका पैसा वापस नहीं हो पा रहा है। सबसे गंभीर बात तो यह है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस के पास उपाय नहीं है। ऐसे धोखाधड़ी करने वाले लोगों की चेकिंग भी पुलिस नहीं करती है। इसके कारण इस तरह का कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। आए दिन विदेश भेजने के नाम पर ठगी की घटना सामने आ रही है।
बरतें सावधानी
कानून पीड़ित न्याय मंच के सचिव अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि अगर नौकरी के लिए विदेश जा रहे हैं तो सबसे पहले देखना चाहिए कि कंपनी ने वैधानिक तरीके से एग्रीमेंट कराया है कि नहीं, जिस पर पूरा ब्योरा होता है कि काम का कितना घंटा होगा और वेतन क्या होगा। विदेश भेजने वाली फर्म का विदेेश मंत्रालय में पंजीकृत है कि नहीं, यह वेबसाइड पर पर देख लें। इंप्लाइमेंट बीजा पर ही विदेश जाएं। अगर विदेश में जाते हैं तो कठिनाई से बचने के लिए भारतीय दूतावास में जाकर पासपोर्ट, बीजा, कंपनी के एग्रीमेंट के बारे में दर्ज कराना चाहिए।