तेरहवीं से पहले वरासत दर्ज कर उत्तराधिकारी को मिले नि:शुल्क खतौनी
नपेंगे वरासत दर्ज करने लापरवाह लेखपाल : डीएम
डीएम ने किया पीएम किसान सम्मान निधि तथा वरासत दर्ज करने के लिए विशेष कैंप का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को रुद्रपुर तहसील के शीतल माझा गांव में पीएम किसान सम्मान निधि संतृप्तिकरण अभियान और 30 मई से शुरू हुए वरासत अभियान के तहत आयोजित विशेष कैंप का निरीक्षण किया। वरासत दर्ज करने में लापरवाही मिलने पर उन्होंने लेखपाल नीरज मणि को चार्जशीट देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति की मौत के 13 दिन के भीतर खतौनी की नि:शुल्क प्रति उसके उत्तराधिकारी को देने का प्राविधान है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने वरासत अभियान के तहत आए आवेदनों का ब्योरा तलब किया। मौक पर आए सात आवेदनों में अधिकांश प्रकरणों में व्यक्ति की मौत चार से छह माह के भीतर हुई थी, लेकिन अभी तक वरासत दर्ज नहीं किया गया था। इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और लेखपाल नीरज मणि को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि मृतक की तेरहवीं से पूर्व वरासत का दस्तावेज उसके उत्तराधिकारियों को नि:शुल्क उपलब्ध करा दिया जाए। उन्होंने जनपद के समस्त लेखपालों को शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसमें लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की हिदायत भी दी।
पीएम किसान सम्मान निधि संतृप्तिकरण लिए आयोजित कैंप में 45 किसानों ने आवेदन किया। जिनमें से अधिकांश का निस्तारण हो गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के 4,77,000 लाभार्थी हैं, जिसमें से लगभग 1,34,000 लाभार्थियों की ई-केवाईसी नहीं हो सकी है। ऐसे किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में रोस्टरवार विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जिन किसानों का खाता एनपीसीआई से लिंक नहीं है अथवा खातेदार की मौत हो चुकी है, उनके वारिस भी अपना नाम लाभार्थी के रूप में शामिल करा सकते हैं। कैंप के दौरान ग्रामीणों ने सफाईकर्मी द्वारा विगत दो माह से गांव में सफाई नहीं करने की शिकायत की। इस पर डीएम ने सफाई कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाई और आज शाम तक गांव में सफाई कर जीपीएस लोकशनयुक्त फ़ोटो भेजने का निर्देश दिया। इस दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ एनके जाडिया, नायब तहसीलदार कर्ण सिंह, मनोहर वर्नवाल, वीरेंद्र पांडेय और सत्येंद्र कुमार आदि मौजूद थे।