चकबंदी के लेखपाल फील्ड बुक बनाने में जुटे, पांच फीसदी जमीन होगी कम
संवाद न्यूज एजेंसी
चनुकी। लार ब्लॉक के परासी चकलाल में अब दुबारा चकबंदी शुरू हो गई है। इसके लिए चकबंदी के लेखपाल फील्डबुक, पैमाइश, नाप-तौल का काम शुरू हो गया है।
परासी चकलाल में कंपोजिट विद्यालय तक जाने का रास्ता नहीं था। इसके अलावे कई चकरोड पूर्व में की गई चकबंदी में ऐसे भी छोड़ दिए गए थे जो एक-दूसरे से लिंक नहीं थे। परासी मंझरिया में व परासी काली मंदिर तक जाने का भी कोई रास्ता नहीं था। तमाम दुश्वरियाें से जूझ रहे ग्रामीणों की परेशानी देखते हुए ग्राम प्रधान वंदना मन्नू गुप्ता ने शासन को पत्र लिखकर गांव में फिर से चकबंदी कराए जाने की मांग की। शासन ने ग्राम प्रधान के पत्र का संज्ञान लिया। आठ माह पहले भेजे पत्र पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है।
इस गांव में पहली चकबंदी सत्तर के दशक में हुई थी। उस समय कई प्रमुख स्थलों जैसे मंदिर, स्कूल आदि तक के लिए चकरोड नहीं छोड़ा गया था। अब सभी प्रमुख जगह रास्ते से जुड़ जाएंगे। गांव में लगभग 4500 की आबादी है। गांव में ब्राह्मण, मुसलमान, मल्लाह, यादव आदि पिछड़ी व दलित वर्ग के लोग निवास करते हैं। गांव में 2000 मतदाता हैं।
प्रधान वंदना मन्नू गुप्ता ने बताया कि मुझे इस बात की खुशी है कि शासन ने मेरे पत्र का संज्ञान लिया। अब स्कूल और मंदिर तक रास्ता मिल जाएगा।
कोट-
विभाग के निर्देश पर चकबंदी विभाग के लेखपालों संग पैमाइश की जा रही है। खेतों का मूल्यांकन किया जा रहा है। मालियत लगाकर विभाग को भेज दिया जाएगा।
_ नेबूलाल, प्रभारी लेखपाल, चकबंदी विभाग