-सपा शासन काल में हुए बालू खनन घोटाले की जांच करने पहुंची टीम
-खनन माफिया से सांठगांठ कर देसही देवरिया में हुआ था खनन
-तत्कालीन डीएम, एडीएम समेत नौ लोग हैं नामजद
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सपा सरकार में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के समय अनदेखी कर दिए गए बालू खनन पट्टे में दर्ज मामले की जांच करने के लिए सोमवार को सीबीआई की टीम जिले में पहुंची। टीम की अगुवाई कर रहे एएसपी अशरफ सिद्दकी ने खनन विभाग के पुराने अभिलेखों को तलब किया है। इस मामले में तत्कालीन डीएम, एडीएम सहित छह लोग नामजद हैं। सीबीआई टीम ने जांच में आरोपी अफसरों की परेशानी बढ़ा दी है।
आरोप है कि सपा सरकार में शर्तों और नियमों को ताख पार रखकर अफसरों ने जनपद में बालू घाटों का पट्टा किया। अवैध तरीके से खनन कराने वाले ठेकेदारों से सांठगांठ भी की। इस मामले में सीबीआई ने जांच में जिले में तैनात रहे तत्कालीन डीएम विवेक कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व डीएस उपाध्याय, भू-वैज्ञानिक विजय कुमार मौर्य, खनन अधिकारी पंकज सिंह, लिपिक हंसराज, पट्टाधारक शारदा यादव, फूलबदन निषाद, वीरेंद्र यादव, संजय यादव पर केस दर्ज कराया था। इस मामले की जांच एक बार फिर से तेज कर दी गई है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान टीम मौके पर भी जाएगी। मामले में पूछताछ के लिए कुछ लोगों को बुलाया भी है। एक-दो दिन टीम बालू खनन के मामले की जांच के लिए रहेगी। इसके बाद आगे कार्रवाई करेगी।
जांच के दायरे में हैं ये अफसर
डीएम के पद पर विवेक कुमार 4 मार्च से 10 जून 2013 तक तैनात रहे। एडीएम वित्त एवं राजस्व डीएस उपाध्याय 3 नवंबर 2012 से 5 अप्रैल 2013 तक तैनात रहे। वहीं, 20 फरवरी 2013 से 8 अक्तूबर 2013 तक भूवैज्ञानिक विजय कुमार मौर्य और दूसरी बार 16 दिसंबर 2015 से 29 जनवरी 2016 तक जिले में रहे हैं। खनन अधिकारी पंकज सिंह की तैनाती वर्ष 2012-13 तक तैनाती रही।
जांच के घेरे में बालू घाट
- एनएच से हेतिमपुर तक, कोटवा से रतनपुर तक और सबवत से अहिरौली तक बालू घाट का है। सलेमपुर और बरहज तहसील क्षेत्र के बालू घाट भी संदेह के घेरे में हैं।
कोट
सपा सरकार के समय हुए बालू खनन में गड़बड़ी की जांच करने के लिए सीबीआई की टीम आई है, जो अभिलेख मांग गए हैं, वे दिए जा रहे हैं। हमारे कार्यकाल का मामला नहीं है। जांच में सहयोग किया जाएगा।
राज रंजन, खनन अधिकारी