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अजहर बेग मामले में धोखाधड़ी और कूटरचना का केस दर्ज

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अजहर बेग मामले में धोखाधड़ी और कूटरचना का केस दर्ज
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भतीजों पर परिवार रजिस्टर में अजहर बेग को मारने के लिए कूटरचना करने का आरोप
ग्राम सचिव की तहरीर पर तीन पर मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ने उठाया था अजहर बेग को कागज में मारने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। गाजीपुर भैंसही के अजहर बेग को कागज में मुर्दा घोषित करने की साजिश का आरोप उनके भतीजों पर लगा है। बृहस्पतिवार को ग्राम सचिव ने अजहर बेग के तीन भतीजों पर सरकारी दस्तावेज में कूट रचना, धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कराया। मिर्जा अजहर बेग को कागज में मुर्दा घोषित करने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से उजागर किया। इसके बाद बीते 29 जुलाई को अजहर बेग को जिंदा होने का प्रमाणपत्र जारी हुआ।
गाजीपुर भैंसही गांव के मिर्जा अजहर बेग को परिवार रजिस्टर में मृतक बताकर नकल जारी कर दी गई। जिंदा होने के बावजूद भी खुद का मृत्यु प्रमाणपत्र देखकर उन्होंने खंड विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी से शिकायत की। अमर उजाला ने 20 जुलाई के अंक में कुटुंब रजिस्टर में सचिव ने अजहर बेग को मार दिया शीर्षक से खबर प्रकाशित की। अखबार में लगातार खबर प्रकाशित होने पर 29 जुलाई को आखिरकार अजहर को न्याय मिला और उन्हें जिंदा होने का प्रमाणपत्र जारी किया गया।
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मामले की जांच उपजिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार और बीडीओ ने की। ग्राम सचिव बलवीर यादव ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि मिर्जा अजहर बेग को कोई संतान नहीं है। वसीयत करा कर जमीन हड़पने के लालच में उनके सगे भतीजों ने साजिश रची। ग्राम पंचायत भवन में रखे परिवार रजिस्टर में चोरी से उन्होंने मृत्यु लिख दिया। मामला संज्ञान में आने पर सुधार किया गया।
पुलिस ने सचिव की तहरीर पर तनवीर बेग, मिर्जा नवीहसन बेग और मिर्जा मेंहदी हसन बेग पर अभियोग पंजीकृत किया। प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह ने कहा कि तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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इनसेट में
कुटुंब रजिस्टर के रख-रखाव पर उठ रहा सवाल
अजहर बेग के मामले में ग्राम सचिव के उनके भतीजों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने के बाद तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं। ग्राम सचिव के अनुसार पंचायत भवन में रखा कुटुंब रजिस्टर उठा कर उनके भतीजों ने उसमें अजहर को मृतक दर्ज कर दिया। यह कथन लोगों को पच नहीं रहा है। ग्राम सचिव के कब्जे में रहने वाले कुटुंब रजिस्टर के रख-रखाव में लापरवाही का जिम्मेदार कौन है, लोग पूछ रहे हैं। आरोपी तनवीर, नवीहसन और मेंहदी हसन ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को बचाने के लिए उन्हें फंसाया जा रहा है। पुलिस की विवेचना में सब साफ हो जाएगा।
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