देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के पुरवा निवासी एक परिवार पर नई नवेली बहू को छोड़ने की जिद भारी पड़ गई। बहू की तहरीर पर पति, सास, ससुर और अन्य आठ लोगों पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया है। पुलिस इन सभी की गिरफ्तारी के लिए तलाश शुरू कर दी है।
देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के पुरवा निवासी एक परिवार पर नई नवेली बहू को छोड़ने की जिद भारी पड़ गई। दो माह पहले ही उसकी शादी हुई और बात बिगड़ी तो मामला थाने में पहुंचा। समझौते में ससुराल पक्ष ने उसे अपने घर में नहीं रखने की जिद कर ली। उसके बाद पत्नी ने सास-ससुर और पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की तहरीर दी है।
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तहरीर को संज्ञान में लेकर कोतवाल ने सास, ससुर पति व उसके दोनों बहनोई को कोतवाली बुला लिया। जिन्हें समझौता करने की गुहार लगाने पर दो दिन की मोहलत दे दी। परंतु ससुर अपनी जिद पर अड़ा रहा। थक-हार कर महिला के मायके वालों ने 12 लाख रुपये दहेज लेने के बाद प्रताड़ित करने और घर में नहीं घुसने का आरोप लगाते हुए बुधवार को केस दर्ज करा दिया। इसमें पति, सास-ससुर सहित आठ लोग नामजद हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
शहरी क्षेत्र में पनीर और मिठाई की दुकान चलाने वाले परिवार के लिए पारिवारिक कलह बर्बादी की जड़ बन गई। दो दिन की मोहलत मिलने के बाद भी ससुर बहू को रखने को तैयार नहीं हुआ तो बाध्य होकर उसके परिजनों ने ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। बहू की तहरीर पर पति अतुल कुमार, ससुर रामानंद, सास लालपरी देवी, ननद ललिता देवी, सुनीता देवी, भाग्य श्री व बेटियों के पति राजू व योगेश के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया है।
बता दें कि नीशू की शादी पुरवा निवासी अतुल चौहान से चार दिसंबर 2023 को शादी हुई। आरोप है कि नीशू के पिता ने उसके ससुर को पांच लाख नकद, 2.80 लाख की कीमत की बुलेट बाइक, गहने आदि को मिलाकर करीब 12 लाख रुपये दहेज दिया था। इसके बाद भी उसके ससुर व उनके परिवार के सदस्य सतुंष्ट नहीं थे।
शादी के एक सप्ताह बाद ही उसे ससुरालियों की ओर से प्रताड़ित किया जाने लगा और दहेज की मांग की जाने लगी। करीब एक माह पहले ही उसने बीए की परीक्षा दी और यूपीपी कांस्टेबल परीक्षा में देने के लिए मायके गई थी। परीक्षा समाप्ति के बाद जब वह ससुराल पहुंची तो घर में घुसने के बाद उसके पति अतुल चौहान, ससुर रामानंद और परिवार के अन्य सदस्य गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए मारने-पीटने लगे।
बार-बार घर से बाहर जाने की धमकी दे रहे थे। इसके साथ ही उसने और भी आरोप लगाए हैं। ससुराल पहुंची मेरी मौसी निर्मला देवी व दादा मौके पर पहुंचे। इसके बाद हेल्पलाइन को फोन कर महिला पुलिस बुलाई, तब जाकर उसकी जान बची। इसके बाद हमलोगों ने कोतवाली पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी कोतवाल को दी।
कोतवाल ने सभी को बुलाकर बैठा दिया था थाने में
बहू से मारपीट करते हुए घर से निकालने की मामले की जानकारी होते ही कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने अतुल उसके माता-पिता और दोनों बहनोई को थाने बुला लिया। इसके बाद थाने में बैठाकर आगे की कार्रवाई में जुट गए। इसके बाद ससुर ने मामले का समझौता करने के लिए दो की मोहलत मांगी।
उसने बेटे का घर उजड़ जाने व बदनामी होने की बात कहकर गुहार लगाई तो उसे दो दिन का समय दिया, परंतु कोतवाली से निकलते ही उसके तेवर बदल गए। उसने बहू के परिजनों की एक न सुनी और न रखने की जिद पर अड़ा रहा। थकहार कर बहू के परिजनों ने बुधवार को पति, ससुर सहित आठ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवा दिया।
कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि युवती के ससुराल वालों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे बहू को घर ले जाने को तैयार नहीं हुए। इस मामले में बहू के आवेदन पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।