तीन धान क्रय केंद्र प्रभारियों पर मुकदमा दर्ज
डीएम ने पकड़ी चालाकी तो खुल गई धान क्रय केंद्रों से घपला करने वालों की पोल
दस जगहों पर मिलीं खामियां, रिकॉर्ड में कुछ और गोदाम में कम मिले धान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धान क्रय केंद्रों के कई प्रभारी बिचौलियों से साठगांठ कर बड़ा खेल रचे हैं। डीएम ने समीक्षा बैठक के दौरान जब चालाकी पकड़ी और मौके की जांच कराई तो दस जगहों पर खामियां मिलीं। इस पर तीन क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रबल संभावना है कि जांच का दायरा आगे बढ़ने पर अभी कई जगह घपले पकड़े जाएंगे।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कुछ दिन पहले जनपद में धान की खरीदारी की समीक्षा बैठक की थी। इस दौरान यूपीएसएस क्रय केंद्र रुस्तमपुर के ऑनलाइन आंकड़ों को डीएम ने गंभीरता से लिया। उनको बताया गया कि 1270.78 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसमें 242 मीट्रिक धान मिलर को भेजा गया है। 1028 मीट्रिक टन धान गोदाम में पड़ा हुआ है। डीएम ने गोदाम की लंबाई व चौड़ाई पूछी तो उन्हें बताया गया कि 15 गुणे 12 फीट का है। इस पर डीएम ने शक जाहिर करते हुए कहा कि इतने छोटे कमरे में इतना धान कैसे रखा जा सकता है। इसी पर जिलाधिकारी ने टीम बनाकर विभिन्न धान क्रय केंद्रों के गोदामों का निरीक्षण करा दिया। इसके बाद जब टीम निरीक्षण के लिए निकली तो घपलेबाजों की परत-दर-परत पोल खुलती गई।
भाटपाररानी के परसिया छितनी सिंह धान क्रय केंद्र के गोदाम में 2158 क्विंटल और भाटपाररानी ब्लॉक गोदाम से 1048 क्विंटल, रुद्रपुर के गाजीपुर भैंसही से 354 क्विंटल, रामचक खोराराम से 384 क्विंटल, स्वीकृतपुरा से 1086 क्विंटल, बरहज के बंजरिया, भागलपुर से 3896 क्विंटल, लार में छह सौ क्विंटल धान का अंतर स्टॉक में मिला।
इससे साफ जाहिर हो रहा है कि धान क्रय केंद्रों से गोदाम पहुंचे धान को ठिकाने लगाने का काम किया जा रहा है। ऑनलाइन आंकड़ों में हेरफेर कर बिचौलियों से धान खरीदने की तैयारी की गई थी। इस मामले में रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र रुस्तमपुर क्रय केंद्र प्रभारी दीपक कुमार, खामपार थाना क्षेत्र के परसिया छितनी सिंह धान क्रय केंद्र प्रभारी मकसूद आलम, भलुअनी थाना क्षेत्र के बंजरिया क्रय केंद्र प्रभारी अभिषेक गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
दो क्रय केंद्र प्रभारियों ने नहीं पेश किया अभिलेख
पीसीएफ के धान क्रय केंद्र डाला और पीसीयू के नरायनपुर औरैया केंद्र पर निरीक्षण के दौरान पहुंचे अधिकारियों ने केंद्र प्रभारी को जब फोन मिलाया तो दो घंटे में अभिलेख लेकर आने की बात कहते रहे, लेकिन देर शाम तक नहीं आए। इस मामले में जिलाधिकारी ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कोट:
समीक्षा बैठक के दौरान धान क्रय केंद्रों के आंकड़े जो बताए गए वे संदिग्ध लगे। इस पर भौतिक सत्यापन कराया गया तो तीन जगहों पर काफी अनियमितता मिली। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। अभी जांच की जा रही है। हर हाल में धान खरीदारी में पारदर्शिता का पालन किया जाना है।
-जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम