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Deoria News: रफ्तार गैंग के सरगना की गिरफ्तारी के बाद लावारिस हालत में मिली कार

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-साथियों का वायरल हुआ था वीडियो, बताई जा रही सवारी गाड़ी
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सच्चिदा नंद पांडेय
बरहज। उजरी भरौली निवासी रफ्तार और उसके साथियों का कुछ दिन पूर्व एक कार के साथ वीडियो वायरल हुआ था। सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन ने इसे संज्ञान में लेते हुए बड़ी कार्रवाई की। रफ्तार की गिरफ्तारी के बाद कार लावारिस हालत में सुरौली पुलिस के हाथ लगी है। जिसे थाने लाया गया है। बरामद कार सवारी गाड़ी बताई जा रही है। जो भलुअनी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। वहीं सुरौली थाना क्षेत्र के एक गांव से चार अन्य वाहनों के मिलने की बात सामने आ रही है। कार जब्त कर पुलिस जांच में जुटी है।
18 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें चलती कार में रफ्तार और उसके गुर्गे पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। जिसे अमर उजाला ने प्रमुखता से केहू कुछु बिगाड़ नाही पाई हमार, बदमाश हईं जिला देवरिया के... शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। रफ्तार के सुर्खियों में आने के बाद से पुलिस और एसओजी सक्रिय हो गई। रफ्तार की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही गाड़ी भी पुलिस के हाथ लग गई। जो किसी इंदुमती देवी के नाम से होना बताई जा रही है।
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गाड़ी पर पीले रंग की नंबर प्लेट लगी है। जिसे शोरूम से निकले कुछ माह ही हुए हैं। गाड़ी बरामद होने और रफ्तार की गिरफ्तारी चर्चा में है।

कोट-
कार पुलिस को लावारिस हालत में मिली है। जिसे थाने लाया गया है। कार्रवाई करते हुए जांच कराई जा रही है।
-आदित्य कुमार गौतम, सीओ, बरहज
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तेज घोड़ा दौड़ाने का शौकीन है नितेश
बरहज। सुरौली थाना क्षेत्र के उजरी भरौली गांव निवासी और गैंगस्टर का आरोपी नितेश उर्फ रफ्तार फरार था। सुर्खियों में आने के बाद एसओजी और पुलिस ने लंगड़ा ऑपरेशन चलाकर उसके पैर में गोली मारकर दबोच लिया। नितेश उर्फ रफ्तार तेज घोड़ा दौड़ाने का शौकीन है। जो मांगलिक कार्यक्रमों में घोड़ा दौड़ाता था। नशे की लत लग जाने और गलत संगत के कारण उसने जरायम की दुनिया में कदम रखते हुए रफ्तार गैंग खड़ा कर लिया। इसमें करीब 2000 से अधिक कम उम्र के युवक शामिल हैं।
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संगठन से जुड़े है 18-24 वर्ष के युवक
सुरौली थाना क्षेत्र के उजरी भरौली गांव निवासी नितेश उर्फ रफ्तार के गिरफ्तारी के बाद से उसके सहयोगी छिप गए हैं। बताया जाता है कि हेनौता, चकरवां, हरनहीं, समोगर, मझवां, पकड़ी बाजार, बरडीहा, भलुअनी के अलावा जनपद-गैरजनपद के गांवों में इसका नेटवर्क है। लोगों का यह भी कहना है कि संगठन से जुड़े युवक 18-24 वर्ष के बीच के हैं। जो दिन में जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलते थे। रात होते ही सुनसान सड़कों के किनारे बगीचों आदि जगहों को ये ठौर बनाते थे।
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इंसेट में-
एसओजी जगह-जगह दे रही दबिश
नितेश उर्फ रफ्तार की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। रफ्तार गैंग से जुड़े गुर्गों की गिरफ्तारी और पहचान के लिए एसओजी-स्थानीय पुलिस के साथ जगह-जगह दबिश दे रही है। बृहस्पतिवार को एसओजी पूरे दिन मदनपुर में डेरा जमाए रही। जहां कुछ गांवों में संगठन के सदस्यों की तलाश की।
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