देवरिया। युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में गिरोह चल रहे हैं। जिले में इससे पहले भी कई ऐसे मामले आ चुके हैं, जिसमें युवकों को फर्जी वीजा थमाकर लाखों रुपये की ठगी की गई है। अब ये एजेंट युवाओं को ठगने का नया तरीका इजाद कर रहे हैं। ऑनलाइन एप डाउनलोड कराकर फार्म भरवा रहे हैं और रुपये ले रहे हैं। इसके चक्कर में कई युवक कर्जदार हो जा रहे हैं। तो कुछ खेत तक बंधक रखकर रुपये दे रहे हैं। गाढ़ी कमाई डूब भी जा रही है। इसके सदमे से युवक परेशान भी हो रहे हैं।
ठगी के शिकार हुए मुकेश तिवारी ने बताया कि दूसरे से 60 हजार रुपये लेकर दिए थे। अब कहां से भरेंगे, समझ नहीं आ रहा। विवेक तिवारी ने बताया कि किसी तरह व्यवस्था करके विदेश जाने को सोचा था, अब तो घर की पूंजी डूब गई और विदेश भी नहीं जा पाया। प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि घर की पूंजी ही डूब गई। अनिल ने बताया कि रिश्तेदार से कर्ज लेकर पैसा दिया था।
केस नंबर-एक
कर्ज के कारण युवक ने दे दी थी जान
गोरखपुर के पादरी बाजार हैदरगंज निवासी राजू विश्वकर्मा (28) की शादी एक वर्ष पहले गौरीबाजार थाना क्षेत्र के जोगन के रहने वाले शैलेश की बहन ज्योति से हुई थी। परिजनों के अनुसार राजू को किसी ने दुबई में कारपेंटर का काम दिलाने के लिए कहा। इसके लिए उसने पत्नी और गांव के लोगों से रुपये के लिए कहा। नौ अगस्त को ससुराल आया था। उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
केस नंबर-दो
कनाडा भेजने के नाम पर 11 लाख रुपये ले भागे
गौरीबाजार थाना क्षेत्र के पाननकुंडा गांव निवासी हरिवंश यादव से एक जालसाज ने आठ अगस्त को कनाडा भेजने के नाम पर 11 लाख रुपये ठग लिया था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है।
केस नंबर-तीन
इसी साल मार्च माह में विदेश भेजने के नाम पर एक एजेंट ने बरहज क्षेत्र के क्षेत्र के करीब 32 युवकों से करीब 50 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर उसने युवकों को विश्वास में लेने के लिए एयरपोर्ट से उड़ान भरने की तारीख और फर्जी वीजा, टिकट भी थमा दिया था।
केस नंबर-चार
मार्च माह में शहर के देवरिया खास स्थित ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर संचालक ने विदेश भेजने के नाम पर करीब 150 युवाओं से 30 लाख रुपये ठग लिए। इसमें देवरिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों के युवक हैं।
बरतें सावधानी
कानून पीड़ित न्याय मंच के सचिव अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि अगर नौकरी के लिए विदेश जाने की सोच रहे हैं तो जांच परख कर ही घर से कदम निकालें। कंपनी ने वैधानिक तरीके से एग्रीमेंट कराया है कि नहीं, जिस पर पूरा ब्योरा होता है कि काम का कितना घंटा होगा और वेतन क्या होगा। फर्म का विदेश मंत्रालय में पंजीकृत है कि नहीं, यह वेबसाइट पर देख लें। एंप्लॉयमेंट वीजा पर ही विदेश जाएं।