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Deoria News: अवैध पट्टे की शिकायत पर बताया विक्षिप्त, शिकायतकर्ता ने दी आत्मदाह की चेतावनी

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आत्मदाह की धमकी देने वाले राम सेवक
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- ग्रामीणों के बयान के हवाले से विक्षिप्त बता खारिज कर दी थी शिकायत
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- डीएम को दिया प्रार्थना पत्र, न्याय न मिलने पर 17 को आत्मदाह की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर (देवरिया)। एकौना थानाक्षेत्र के भेलउर गांव से जुड़े एक मामले में लेखपाल की रिपोर्ट और उस पर तहसील प्रशासन की कार्रवाई चौंकाने वाली है। भेलउर निवासी रामसेवक ने साल 2017 में अवैध पट्टा किए जाने की शिकायत की। तत्कालीन लेखपाल ने गांव वालों के बयान के अधार पर जांच रिपोर्ट में रामसेवक को विक्षिप्त बता दिया। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम और तहसीलदार ने शिकायत खारिज करते हुए मामला रफा-दफा कर दिया। आहत रामसेवक सात वर्षों से एसडीएम, तहसीलदार और लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। अब उन्होंने 17 जुलाई को आत्मदाह की चेतावनी दी है।
भूमि विवादों के निस्तारण में राजस्व महकमे की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भेलउर गांव निवासी रामसेवक प्रजापति ने वर्ष 2017 में गांव में जमीन का अवैध रूप से पट्टा किए जाने की तहसील प्रशासन से शिकायत की थी। इस मामले में लेखपाल से स्थानीय स्तर पर जांच कर रिपोर्ट मांगी गई। जांच के दौरान लेखपाल ने कुछ लोगों के बयान दर्ज किए। लेखपाल ने गांव के लोगों के बयान का हवाला देते हुए रामसेवक के विक्षिप्त बताया और पट्टा नियम संगत होने की रिपोर्ट दी। इस रिपोर्ट पर तहसील के तत्कालीन अफसरों ने रामसेवक की शिकायत खारिज कर दी।
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लेखपाल की रिपोर्ट में विक्षिप्त बताए जाने से आहत रामसेवक बीते सात वर्षों से तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार और लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते आ रहे हैं। रामसेवक सवाल करते हैं कि बिना मेडिकल जांच और डॉक्टर की रिपोर्ट के किसी के बयान के आधार पर किसी को विक्षिप्त कैसे ठहराया जा सकता है। साथ ही ऐसी मनगढ़ंत रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन द्वारा फैसला लिया जाना भी सवालों के घेरे में है। अब मुख्यमंत्री जनता दरबार में डीएम को प्रार्थनापत्र देकर न्याय नहीं मिलने पर 17 जुलाई को चेतावनी दी है। 00
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कोट
रामसेवक के समक्ष कोेई वस्तुपरक समस्या नहीं है। वह जिस आशय की टिप्पणी से विचलित हैं, वह आरोपी कर्मचारियों की अवधारणा का अंग नहीं है। बल्कि उन्होंने अपनी पूर्व प्रेषित आख्या में उल्लेख किया है कि अन्य ग्रामीण ऐसी टिप्पणी करते हैं। रामसेवक से गरिमामय परिवेश में शालीनता पूर्वक बात कर उनकी गलतफहमी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
- रत्नेश तिवारी, एसडीएम, रुद्रपुर
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