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बाईपास : प्रशासन चार गुना मुआवजा देने को तैयार, किसान अड़े

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प्रशासन 2020 के सर्किल रेट से चारगुना मुआवजा देने को हुआ राजी, पर किसान मांग रहे बाजार भाव से चारगुना मुआवजा, मामला फिर उलझा
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बाईपास मार्ग के लिए आई सात आपत्तियों का निस्तारण जिला प्रशासन ने किया निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवरिया-गोरखपुर मार्ग से निकलने वाले 22 किलोमीटर के बाईपास मार्ग के लिए आई सात आपत्तियों का निस्तारण जिला प्रशासन ने कर दिया है। प्रशासन किसानों को 2020 के सर्किल रेट का चारगुना मुआवजा देने को तैयार भी हो गया है। पर किसानों की मांग है कि उन्हें बाजार भाव से चारगुना मुआवजा चाहिए। इस कारण अभी मामला उलझा हुआ है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि गोरखपुर से भी अधिक सर्किल रेट देवरिया जनपद का है। किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा कम नहीं है।
12 जून को केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने बाईपास मार्ग का शिलान्यास किया था। जबकि दूसरी तरफ जिन गांवों की भूमि बाईपास मार्ग के लिए ली जानी है, वहां पर पिलर गाड़ दिया गया है। इसे लेकर आपत्तियां भी किसानों से मांगी गई हैं। इस पर किसान अजीत तिवारी ने तीन और अन्य चार किसानों ने आपत्ति दी थी। इसमें दो किसानों ने अपनी भूमि से बाईपास न निकालने और अन्य मुआवजे की रकम को लेकर आपत्तियां दाखिल की थी। इस मामले में जिला प्रशासन ने सभी आपत्तियों का निस्तारण कर आख्या तैयार कर लिया है, इसे राष्ट्रीय राजमार्ग व परिवहन मंत्रालय को भेजा जाना है। वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने मुआवजे की धनराशि को लेकर खाका तैयार किया है। विभागीय जानकारी के अनुसार प्रशासन की मंशा है कि 2020 के निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। गोरखपुर की अपेक्षा देवरिया का सर्किल रेट काफी अधिक है। इसमें 37 गांवों का अलग- अलग सर्किल रेट है। वहीं दूसरी तरफ सर्किल रेट के चार गुना मुआवजे की जानकारी किसानों तक पहुंची तो उन्होंने मुआवजे से इन्कार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह अगर सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दे रहे थे, तब भी काफी कम है। इतने कम रेट पर वह भूमि नहीं देंगे। बाजार भाव काफी अधिक है। इस कारण उन्हें बाजार भाव से चार गुना मुआवजा चाहिए। बाईपास मार्ग के मुआवजे को लेकर संघर्ष समिति के पदाधिकारी गांव- गांव पहुंचकर जनजागरण शुरू कर दिए हैं, ताकि किसानों को लामबंद किया जा सके।
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फैक्ट फाइल-
- 12 जून को हो चुका है शिलान्यास
- 37 गांवों के किसानों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है
- 19 सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है
- 968 किसानों की भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है
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यह गांव जुड़ जाएंगे बाईपास मार्ग से
-मुंडेरा, सुकरौली, अहिलवार बुर्जुग और खुर्द, धनौती, कचुआर, देवरिया मीर, चकरवा धूस, घटैलागाजी और चेती, पकड़ी बुजुर्ग, पगरा परसिया, रामपुर खुर्द, कुसम्हा वेलवा, गोबराई, धनौती खास, पोखरभिंडा, भगौतीपुर, गौरा, भीमपुर, परसा बरवां, जैतपुरा, मुंडेरा, बांसगांव बुजुर्ग, धतुरा, बरारी, सझवा, बलुआ, बैतालपुर, गुड़री, इटवा, सिरजम खास से बाईपास गुजरेगा।

शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने की है योजना, किसान कह रहे बना दिया जाए ओवरब्रिज
शहर का सिविल लाइंस ही एक ऐसा मार्ग है जिस पर 60 हजार वाहनों का दबाव प्रतिदिन है। बाईपास मार्ग बनने से गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों के साथ ही बिहार, बंगाल, झारखंड, असम को जाने वाले वाहन शहर के सिविल लाइंस का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। वह बाईपास मार्ग से ही देवरिया-सलेमपुर और कसया मार्ग पर पहुंच जाएंगे। जबकि दूसरी तरफ बैतालपुर तेल डिपो पर हर रोज आने वाले हजारों टैंकर भी शहर में न आकर बाहर से ही निकल जाएंगे।
किसान बोले
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किसान अजीत त्रिपाठी ने बताया कि बाईपास मार्ग के लिए भूमि बदले सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मंजूर नहीं है। बाजार भाव से चार गुना मुआवजा चाहिए। इसे लेकर किसान एकजुट हैं। आपत्तियों का निस्तारण करने से पहले मुआवजा की राशि तय करनी चाहिए थी।
कोट

-भाकियू के पूर्वी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने नया सर्किल रेट 2023 लेकर प्रशासन आए, तब जाकर किसानों से सहमित बन पाएगी, जो पुराने सर्किल रेट से एक डिस्मिल भी भूमि नहीं दी जाएगी। जो सर्किल रेट है, उससे बाजार कई गुना अधिक है। कुछ किसान इससे भूमिहीन हो जाएंगे। अति लघु सीमांत किसानों की भूमि अधिक निकल रही है।
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वर्जन
बाईपास को लेकर आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। सर्किल रेट चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जिले का सर्किल रेट गोरखपुर से भी अधिक है। बाईपास मार्ग आसपास के गांवों का बड़ा विकास होगा।
रजनीश राय,सीआरओ
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