भीड़ के आगे कम पड़ गईं बसें, यात्री रहे परेशान
देवरिया। छठ सहित अन्य त्योहार मनाकर लौटने वाले यात्री फिर बसों की किल्लत झेल रहे हैं। यात्रियों की संख्या के आगे बसें कम पड़ गईं। सूचना कक्ष को बंद किए जाने से भी बसों के बारे में कोई जिम्मेदार कुछ बताने को तैयार नहीं था। ऐसे में यात्रियों के सामने सिवाय इंतजार करने के कोई चारा नहीं था।
मंगलवार को बस स्टेशन पर यात्रियों की संख्या के आगे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। गंतव्य तक जाने के लिए लोगों को वाहनों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। रोडवेज परिसर में पूरे दिन यात्री, बसों के लिए परेशान दिखे। एक बस आते ही सभी उधर ही दौड़ पड़ते। सीट लेने की जद्दोजहद में कई खिड़कियों के रास्ते ही प्रवेश करते दिखे। सबसे ज्यादा परेशानी लोकल रुटों पर रही।
इसमें बरहज, कपरवार, दोहरीघाट, बलिया, पकहां, कसया, पडरौना, बघौचघाट, तरकुलवा आदि रुटों पर अचानक बसों का अभाव हो गया। देवरिया डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राकेश पति त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की संख्या बढ़ने से सबको समय से भेज पाना संभव नहीं था। कई बसों के फेरे बढ़वाए गए हैं। जैसे-जैैसे बसें आती गईं और जहां के यात्री मिले, वहां के लिए रवाना किया गया। अन्य रुटों की बसों को भी यात्रियों की सुविधा के लिहाज से उन्हीं मार्गों पर चलाया गया, जहां उन्हें जाना था।
ट्रेनों में उमड़ी भीड़, काउंटर पर लंबी लाइन
देवरिया। छठ पर्व मनाने के बाद लोग अपने-अपने काम पर जा रहे हैं। इसके कारण ट्रेनों में भीड़ उमड़ रही है। काउंटर पर टिकट के लिए लंबी लाइन लोगों लगानी पड़ रही है। मंगलवार को सदर रेलवे स्टेशन की हालत यह थी कि ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्रियों को आपस में धक्का- मुक्की करनी पड़ रही थी।
टिकट काउंटर पर अधिकतर यात्रियों को वेटिंग लेकर ही संतोष करना पड़ रहा था। शहर के साकेत नगर निवासी संदीप ने बताया कि फरीदाबाद जाने के लिए दिल्ली का टिकट लेना था, लेकिन वेटिंग मिल रहा है। इसके कारण अब बाद में जाएंगे। भटनी निवासी धीरज राय ने बताया कि टिकट वेटिंग कंफर्म न होने के कारण बस से जा रहा हूं। ट्रेन में वेटिंग टिकट पर यात्रा करना मुश्किल है। नाथनगर निवासी कुलदीप ने बताया कि टिकट लेने के लिए आया था, लेकिन वेटिंग मिला तो वापस जा रहा हूं।