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Deoria News: बीएससी नर्सिंग की फीस का नहीं हो सका इंतजाम तो युवती ने दी जान

Tue, 08 Aug 2023 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। बघौचघाट थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने बीएससी नर्सिंग में एडमिशन नहीं होने से नाराज होकर आत्महत्या कर ली। उसका शव फंदे से लटका हुआ मंगलवार को मिला। पुलिस ने आत्महत्या का मामला मानकर केस दर्ज कर लिया है। परिजनों के अनुसार वह बीएससी नर्सिंग में प्रवेश लेना चाहती थी। इसके लिए रुपयों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। इससे वह नाराज रहती थी।
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बघौचघाट थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी पुनीता (18) ने इसी साल इंटर की पढ़ाई पूरी की थी। उसने परिजनों को बताया कि वह बीएससी नर्सिंग कर चिकित्सा के क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहती है। परिजन बीएससी नर्सिंग में लगने वाली मोटी फीस देने में असमर्थ थे और इंतजाम नहीं हो पा रहा था। घर के लोगों से उसने कई बार दबाव बनया कि प्रवेश का समय बीत रहा है और पैसे का इंतजाम भी नहीं हो रहा है। इसको लेकर वह परिजनों से नाराज थी। सोमवार की देर शाम पुनीता कमरे में सोने चली गई। मंगलवार की सुबह जब वह देर तक सोकर नहीं उठी तो परिजनों ने फाटक खुलवाने का प्रयास किया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। शक होने पर खिड़की से देखा तो वह कमरे में छत की कुंडी से रस्सी का फंदा लगाकर लटकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुनीता की बड़ी बहन ने बताया कि वह पढ़ने में काफी तेज थी। वह बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए काफी दिनों से दबाव बना रही थी। हम लोग रुपयों का इंतजाम करने में लगे थे। एडमिशन में लेट होने से नाराज चल रही थी। पुनीता के पिता अनिरुद्ध केरल में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। मां ने बताया कि उनके दो बेटों और दो बेटियों में पुनीता सबसे छोटी थी। वह पढ़ना चाहती थी पर पैसों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। बीएससी नरसिंह पढ़ाई काफी महंगी है। थाना प्रभारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि युवती ने आत्महत्या की है। वह पढ़ाई के लिए तनाव में थी। परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
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जरा सी बात पर आपा खो रहे युवा, उठा रहे आत्मघाती कदम
देवरिया। युवा जरा-जरा सी बात पर धैर्य खोकर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। जुलाई माह में कपरवार घाट पुल से छात्रा निक्की सुसाइड नोट लिखकर नदी में कूद गई थी। उसने मामूली बात पर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। उसने सुसाइड नोट में लिखा था कि घर वाले मुझ पर विश्वास नहीं करते हैं। इसलिए मैं जा रही हूं।

इसी तरह सदर कोतवाली के पिपरा चंद्रभान गांव में एक साल पहले एक युवती को मोबाइल देने से परिजनों ने मना किया तो उसने आत्महत्या कर ली थी। पांच दिन पहले भी शहर के गोरखपुर रोड स्थित ओवरब्रिज से एक युवती रेल लाइन पर कूद गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल युवती को लोगों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचाया था जहां से परिजन निजी अस्पताल में लेकर चले गए थे।

- आवेग और संवेग को रोक पाने में अक्सर युवा गलती कर जाते हैं। इस मनोदशा में आए नकारात्मक विचारों के फलस्वरूप ही वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। इसका परिणाम क्या होगा वह इस बारे में विचार भी नहीं कर पाते हैं।
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- डॉ. नाजिश बानो, मनोवैज्ञानिक
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