मुख्यमंत्री का आदेश बेअसर, लापरवाह हैं जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। तहसील परिसर में वरासत दर्ज कराने के लिए लोगों को महीनों चक्कर लगाना पड़ रहा है। बावजूद वरासत दर्ज नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के आदेश से बेपरवाह जिम्मेदार मनमानी करने में कोताही नहीं बरत रहे हैं। जिम्मेदार वरासत दर्ज कराने के लिए लोगों से एक बंडल कागज और स्याही का खर्च मांगते नहीं चूक रहे हैं। इसका वीडियो अधिकारियों के हाथ लगने से तहसील में खलबली है।
मुख्यमंत्री योगी के जारी फरमान में परिवार के मुखिया की मृत्यु होने की दशा में 13वीं तक पाल्यों का नाम वरासत में दर्ज कर लेना है। लेकिन वरासत के लिए लोग महीनों से तहसील का चक्कर लगाते देखे जा रहे हैं। जिनका नाम अभी तक दर्ज नहीं हो सका है। लोगों के अनुसार बरहज तहसील में भलुअनी, भागलपुर, मईल आदि क्षेत्रों से करीब 15-20 किमी की दूरी तय करते हुए लोगों की आवाजाही होती है। वरासत के लिए छह माह से ज्यादा समय से लोग जिम्मेदारों का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उनका नाम अभी तक दर्ज नहीं हो सका है। कपरवार निवासी मुन्ना सिंह का कहना है कि पिता की मौत के बाद नवंबर माह में वरासत के लिए आवेदन किया था, जो किन्हीं कारणों से निरस्त हो गया था। मई 2023 में दोबारा ऑनलाइन कराने के बाद से अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। जिम्मेदारों द्वारा वरासत के नाम पर एक शख्स से एक बंडल कागज और कुछ खर्च की डिमांड किए जाने, जबकि अधिकारियों को भला-बुरा कहने की बात सामने आ रही है। जिसका वीडियो अधिकारियों के हाथ लग गया है।
कोट-
वरासत के ऑनलाइन आवेदनों में छह पेंडिंग में थे। जिन्हें निस्तारित कराने का निर्देश दिया गया है। रही बात रिश्वत की तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-योगेश कुमार एसडीएम, बरहज