यूक्रेन में रूसी हमले में मारे गए रामलक्षन क्षेत्र के करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद समेत चार भारतीय नागरिकों का शव अभी स्वदेश नहीं लौट पाया है। हमले में भारतीय के अलावा मरे सीरिया के नाविकों के शव की पहचान कराने को अभी उनकी डीएनए रिपोर्ट नहीं पहुंच पाई है। इसके कारण अभिषेक समेत चारों भारतीयों का शव नहीं आ पा रहा।
शुक्रवार को यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने मृतक के परिवार से बात की। शव मिलने में देरी के कारण मृतक के परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। 19 जुलाई को टर्की से यूक्रेन पहुंचे मालवाहक जहाज पर कार्यरत चार भारतीय समेत क्षेत्र करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद की रूसी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी।
हमले के दौरान मालवाहक जहाज पर 17 लोग तैनात थे। इंजन रूम में काम करने के दौरान अभिषेक उसी में फंसा रह गया था और उसकी मौत हो गई थी। उसका शव गंभीर रूप से जल जाने के कारण शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो गया है। घर वालों की मांग पर प्रशासन की ओर से शिपिंग कंपनी से शव मंगाने को लेकर वार्ता की गई। इसमें शव की पहचान करने की अड़चन आई।
शव की पहचान कराने के लिए मां और पिता का डीएनए टेस्ट कराया गया। मंगलवार को मृतक के पिता ने डीएनए रिपोर्ट भेजी। घरवालों ने बताया कि सीरिया के नाविकों के डीएनए रिपोर्ट में देरी के कारण भारतीयों का शव भेजने में देरी हो रही है। पिता कौशल ने बताया कि भारतीय दूतावास से फोन आया था, सीरिया के शव के रिपोर्ट में विलंब के कारण वहां से उनके बेटे का शव नही निकल पा रहा। परिवार के लिए एक-एक पल पहाड़ जैसा कट रहा है।