देवरिया। जनपद में उम्मीद से कम बारिश होने से धान की फसल सूख रही है। किसान परेशान हैं। पंपसेट से खेत की सिंचाई करना बहुत कठिन हो गया है। एक एकड़ खेत की सिंचाई में पंद्रह लीटर डीजल खर्च हो रहा फिर भी धान में झुलसा रोग जकड़ाता जा रहा है।
क्षेत्र में अनुमान से बहुत कम बारिश इस वर्ष हुई है। धान का बीज गिराने से अबतक किसान धान की सिंचाई ही कर रहा है। अब धान में झुलसा रोग पकड़ लिया है। सितंबर में धान के रेडने का समय होता है और अक्तूबर में धान फूटने का समय हो जाता है पर बारिश नहीं होने पर धान में कई रोग लग गए हैं। मेदीपट्टी के किसान दीनानाथ शर्मा ने बताया कि इस वर्ष बारिश नहीं होने से धान की खेती बहुत महंगी हो गई है। शुरू से अबतक पांच बार खेत की सिंचाई कर चुका हूं फिर भी खेत में झुलसा रोग पकड़ लिया है। खुदवा के किसान चंद्रबली प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष बारिश नहीं होने से गरीब किसानों की फसल सूख गई है। खेत की सिंचाई करते-करते तंग आकर अब छोड़ दिया हूं।
इस बार अनुमान से कम बारिश हुई है। धान में झुलसा रोग के लिए किसान एक बार सिंचाई कर उसमें चूना का छिड़काव करें, ताकि झुलसा रोग से फसल बचाई जाए, अभी बारिश की उम्मीद है। बारिश नहीं होने से इस बार पैदवार में कमी आएगी।
- रजनीश श्रीवास्तव, कृषि वैज्ञानिक मलहनी