- फेसबुक पर लाइव आकर सुनाई घटना की आपबीती
- कहा, कार्यकर्ता सह दोस्त को बचाने के क्रम में एक परिवार ने उन पर बोला जानलेवा हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बांस देवरिया में हुए बवाल में अब एक नया मोड़ आ गया है। एक रोज पहले यानी बुधवार की शाम सभासद कोतवाली पहुंच बवाल मामले में नामजद व हिरासत में लिए गए सभासद जावेद आलम को रिहा करने व दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की थी। वहीं बृहस्पतिवार को फेसबुक पर लाइव आकर बवाल मामले में दूसरे पक्ष से नामजद रवि पाल ने खुद को बेकसूर बताया। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
रवि पाल ने कहा कि मैं पिछड़ा मोर्चा का क्षेत्रीय मंत्री हूं। वर्ष 2001 से मैं हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ा था। सामाजिक कार्यों में मेरी बढ़चढ़ कर साझेदारी रहती है। इसी का नतीजा है कि 15 जुलाई रात करीब 11 बजे कार्यकर्ता गु्ड्डू राजभर को कुछ युवक मार रहे थे। इस सूचना मैं वहां पहुंचा तो उसके परिजन आ धमके। मैंने मुहर्रम का त्योहार को ले शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा था। इसी बीच उनकी तरफ से पत्थर चलना शुरू हो गए। मेरे भाई व भतीजा मौके पर पहुंचे तब जाकर मेरी जान बची।
रवि पाल ने ताशा बजाने की बात से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि हमलावर उन्हें जान से मारने की नियत से हमला किए थे, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इधर रवि पाल का फेसबुक कर लाइव आने के बाद सोशल मीडिया पर उनपर दर्ज मुकदमों का लेखा जोखा वायरल हो गया। इसमें वर्ष 2017, 2018 व वर्ष 2023 में दर्ज मुकदमों का लेखाजोखा मौजूद था। फिलहाल पुलिस बवाल मामले में बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष से चार लोगों को जेल भेज मामले की जांच में जुटी है।