चुनाव की तिथि नजदीक आते ही बढ़ती जा रही मतदाताओं की खामोशी
भाटपाररानी। जैसे-जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है, वैसे वैसे मतदाताओं की खामोशी भी बढ़ती जा रही है। इस बार चुनाव मैदान में अध्यक्ष पद के कुल 11 प्रत्याशी तथा 12 वार्डों के सभासद प्रत्याशियों की संख्या 60 है। भाटपार रानी नगर पंचायत के इतिहास में अब तक दो बार समाजवादी पार्टी तथा दो बार निर्दल प्रत्याशी और एक एक बार कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी परचम लहरा चुके हैं। बसपा का अभी तक खाता नहीं खुल पाया है। प्रथम चुनाव वर्ष 1988 में निर्दल भारतेेंदु मिश्रा ने जीता था। वर्ष 1995 में कांग्रेस प्रत्याशी रमाशंकर बर्नवाल चुनाव जीते थे। उस समय कांग्रेस से पूर्व मंत्री स्व.कामेश्वर उपाध्याय विधायक थे। वर्ष 2000 में पुन: निर्दल प्रत्याशी आनंददेव गुप्ता चुनाव जीते। उसके बाद वर्ष 2006 में भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता गुप्ता, 2012 में सोनमती कुशवाहा सपा तथा 2017 में संजय गुप्ता सपा से चुनाव जीत चुके हैं। इस बार सपा ने भाजपा के बागी ही प्रत्याशी प्रेम लता गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने धीरेंद्र गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। बसपा ने भाजपा के ही बागी उम्मीदवार राजेश यादव की पत्नी बादामी देवी को प्रत्याशी बनाया है। बसपा के बागी प्रत्याशी इंतियाज अहमद को आजाद समाज पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा आप से कुंती देवी और कांग्रेस से ऋषिकेश भी चुनाव लड़ रहे हैं। निर्दल निधि पांडेय, रविंद्र, प्रभुनाथ वर्मा, जितेंद्र गुप्ता और विजय मद्धेशिया भी चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। अब देखना है कि सातवीं बार नगर पंचायत भाटपारानी के चुनाव में कौन बाजी मारता है। मतदाताओं की खामोशी देखकर प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ जा रही है।