देवरिया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार की रात में एक डॉक्टर और भाजपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बीच विवाद हो गया। डॉक्टर ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस पूर्व जिला पंचायत सदस्य और उनके साथी को लेकर कोतवाली चली आई। सुबह बड़ी संख्या में भाजपा नेता पहुंच गए और दोनों को छुड़ाकर जबरन गेट तक पहुंच गए। पुलिस ने फिर से कोतवाली में बैठा लिया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने नारेबाजी की। कुछ देेर बाद सदर विधायक के हस्तक्षेप से प्राचार्य की मौजूदगी में सुलह हो गई।
बृहस्पतिवार रात में करीब 10 बजे भाजपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजन यादव और उनके साथी किसी मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे थे। डॉक्टर से दिखाने को लेकर बहस हो गई। धीरे-धीरे मामला बढ़ गया। वहां मौजूद लोगों से पूर्व जिला पंचायत सदस्य से नोकझोंक होने लगी और हाथापाई हो गई। डॉक्टर ने घटना की जानकारी डायल 112 को दी। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने राजन यादव और उनके साथ को हिरासत में ले लिया।
पूरी रात कोतवाली के लाॅकअप में होने की जानकारी शुक्रवार की सुबह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हुई तो वे कोतवाली पहुंच गए। भाजपा नेता राजन यादव और उनके साथी को जबरन बाहर लेकर आने लगे। मौके पर मौजूद सीओ सदर श्रीयश त्रिपाठी और अन्य पुलिस कर्मियों ने भाजपा नेताओं और छुड़ाकर ले जा रहे लोगों को रोक लिया और मुंशी रूम में बैठा लिया। काफी गहमा-गहमी होने के बाद सदर विधायक डॉ. शलभ मणि ने मामले में हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अपने आवास पर बुलवाया। समझाने-बुझाने के बाद दोनों पक्ष में समझौता हो गया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मामला रफा-दफा कर दिया गया।
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151 की कार्रवाई और पल भर में ही मिल गई जमानत
- मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई कर दी। आश्चर्य की बात यह है कि दोनों नेताओं को जमानत के लिए कोतवाली से बाहर कदम नहीं रखना पड़ा। उनके लिए पेशकार को भेजकर जमानत भरवा ली गई और रिहा कर दिया गया। इसके बाद पूर्व पंचायत सदस्य और उनके साथी एक जनप्रतिनिधि के लक्जरी वाहन से रवाना हो गए।
एक मरीज का इलाज कराने के लिए गया था। डॉक्टर देरी कर रहे थे तो हमने जल्दी इलाज की बात कही। इस पर वह भड़क गए। मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया गया। -राजन यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य
कोट:
घटना की जानकारी होने पर मौके पर मैं खुद गया था। दोनों लोगों के खिलाफ शांति भंग के तहत कार्रवाई की गई है। सुबह कुछ लोग आए और लेकर जा रहे थे, इस पर हमने रोका और फिर से कोतवाली में आवश्यक कार्रवाई के बाद छोड़ा गया। -श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी