खुखुंदू चौराहे पर आयोजित दो दिवसीय पूर्वांचल भोजपुरी बिरहा लोकगीत व नृत्य कला सम्मेलन का पहला दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। स्थानीय चौराहे पर पूर्वांचल भोजपुरी बिरहा लोकगीत और नृत्य कला सम्मेलन में बुधवार को बिरहा गायकों ने एक से बढ़कर एक लोकगीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया। वाराणसी से पहुंचीं बिरहा गायक शिला ने अपने बलम के करीं केतना बड़ाई.. प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
दो दिवसीय पूर्वांचल भोजपुरी लोकगीत बिरहा सम्मेलन में बलिया से आए रामनाथ यादव ने सइयां छुट्टी ले के आइल बान घरवां..। गाजीपुर से आए पप्पू लाल यादव ने ए हो भगवानजी मोबाइल पर एगो चुम्मा खातिर रहले भुखाइल.. प्रस्तुत किया।
इनके अलावा मऊ से विपिन बिहारी पाठक, रामा प्रजापति, आजमगढ़ से संवरू मास्टर, पूजा चौहान, ओमनारायण सहित अन्य जनपदों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि व्यापार मंडल अध्यक्ष सन्निवेश द्विवेद्वी और अरविंद पटेल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर कराया।
इसके बाद सबसे पहले फरूवाही नृत्य कलाकारों ने किया। इसमें मुमताज अहमद सलेमपुर, रामबड़ाई भीखमपुर और डेबा यादव देवरिया ने नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
इस दौरान आयोजक अवध बिहारी चौरसिया, प्रधानाचार्य लालजी यादव, इंदल यादव, जगदीश चौरसिया, छोटे शंकर चौरसिया, जगन्नाथ, पप्पू यादव, परमहंस, कौशल शर्मा, पौहारी सहित अन्य उपस्थित रहे।