- बुआ के घर भैंसाडाबर जा रहा था मृतक, लोगों ने चालक की गिरफ्तारी के लिए एक घंटे तक शव को रोके रखा, पुलिस के समझाने पर शांत हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तरकुलवा थाना क्षेत्र के सिधावें-रामपुर शुक्ल मार्ग पर बृहस्पतिवार दोपहर एक ईंट भट्ठे पर मिट्टी गिराकर तेज गति से रहे डंपर की चपेट में आने से बाइक चालक की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसका साथ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बाइक चालक अपनी बुआ के घर भैंसाडाबर गांव जा रहा था। डंपर चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर घटना से गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया और एक घंटे तक शव को रोके रखा। पुलिस के समझाने पर वह माने।
उधर घटना की सूचना मिलने पर परिवार में चीत्कार मच गई। तरकुलवा थाना क्षेत्र के सिधावें गांव निवासी संदीप (20) पुत्र धनेश चौहान बृहस्पतिवार को दोस्त प्रियेश गोंड (21) पुत्र महेंद्र गोंड साथ बाइक से बुआ के घर भैंसाडाबर गांव के लिए निकला। वह दोनों गांव से कुछ दूर बढ़े थे कि सिधावे-रामपुर शुक्ल मार्ग पर एक ईंट-भट्ठे पर मिट्टी गिराकर तेज गति से आ रहे डंपर की चपेट में आ गए। इससे बाइक गिर गई, डंपर के पहिये के नीचे आने से चालक संदीप की मौके पर मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा प्रियेश गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। जानकारी होने पर लोग जुट गए। इसके बाद घायल को महर्षि मेडिकल कॉलेज भेजा गया। घटना से गुस्साए लोग सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। वह डंपर चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची, लेकिन लोग शव को कब्जे में लेने नहीं दे रहे थे। काफी समझा-बुझाने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग माने। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। घटना की सूचना मिलते ही पिता धनेश चौहान, दादा हंसराज चौहान, मां, दादी व अन्य परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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लुधियाना में परिवार की माली हालत अच्छी करने के लिए दो भाइयों के साथ रोजगार करता था संदीप तरकुलवा क्षेत्र के सिधावे गांव निवासी धनेश चौहान के परिवार की माली हालत अच्छी नहीं है। उनके तीनों बेटे कम उम्र में ही लुधियाना जाकर रोजगार करने लगे। तीन में से मझला संदीप चौहान (20) अपने दो अन्य भाइयों के साथ लुधियाना में ही रहकर रोजगार करता था। कुछ रोज पहले ही वह लुधियाना से गांव आया था।
परिवार की हालत अब कुछ सुधर रही थी। वह अपने दोस्त के साथ पल्सर बाइक से बुआ से मिलने के लिए उनके गांव भैंसाडाबर के लिए निकला था। हंसी-खुशी घर से निकले संदीप के परिजनों को क्या था कि रास्ते में उसकी मौत हो जाएगी।
संदीप के शादी की चल रही थी बात
संदीप के माता और पिता उसकी शादी करने की सोच रहे थे। उसके लिए रिश्ते आ रहे थे। एक जगह संदीप की शादी की बात चल रही थी। परिवार के सदस्य रविवार को लड़की देखने जाने वाले थे। इसके लिए तैयारी भी की जा रही थी। पर कुदरत को यह मंजूर न था।