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Deoria News: बिना एनओसी चल रहे बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान

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राघव नगर ​स्थित लैपटाप की दुकान में लगी आग के बाद दरकी दिवारें।संवाद
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- लैपटॉप के शोरूम में सोमवार को अगर लगती आग तो स्थिति होती भयवाह, भगदड़ की रहती स्थिति
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- चंद कदम की दूरी पर था ट्रांसफाॅर्मर, अग्निशमन दल ने आग बुझाने में दिखाई तत्परता
-रविवार होने के चलते सड़कों पर थी वीरानी, स्कूल, बैंक व आसपास की दुकानें थी बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में बड़े-बड़े प्रतिष्ठान, मॉल व होटल सहित कई शोरूम व दुकानें फायर विभाग से बिना एनओसी लिए धड़ल्ले से चल रही हैं। कुछ के पास फायर सेफ्टी किट उपलब्ध है, तो कुछ के पास एक्सटिंग्विशर ही मौजूद है, लेकिन अधिक ऐसे दुकानदार आपको शहर मिल जाएंगे, जिनके पास भीषण आग लगने पर बुझाने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। रविवार को शाॅर्ट सर्किट से एचपी लैपटॉप व कंप्यूटर के शोरूम में आग लग गई। इसमें लाखों रुपये की कीमत का सामान जलकर राख हो गया। आग शाॅर्ट सर्किट से लगना बताया जा रहा है।
द्वितीय अग्निशमन अधिकारी राजमंगल सिंह ने बताया कि शहर में अस्पताल, स्कूल व कुछ प्रतिष्ठानों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर ने एनओसी नहीं ली है। इसके लिए विभाग की तरफ से कोई दबाव नहीं बनाया जाता है। उनकी मर्जी पर है। विभाग समय-समय पर इनको जागरूक करता है। उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े होटल संचालकों को भी फायर विभाग से एनओसी लेना चाहिए, लेकिन जिले में अधिकतर होटल संचालकों ने एनओसी नहीं ली है।
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रविवार को शहर के व्यस्तम मार्ग राघव नगर मोहल्ले में स्टेट बैंक के समीप एचपी लैपटॉप व कंप्यूटर के शोरूम में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई। इसका खुलासा प्रत्यक्षदर्शियों ने किया है। उनकी मानें तो जब आग पूरी तरह धधक उठी तो शोरूम की सीढ़ी के समीप लगा शीशा तेज आवाज के साथ गिरने लगा। आवाज सुनकर लोग बाहर आए तो आग की लपटें दिखीं। इसके बाद दुकान मालिक को फोन करते हुए फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची दमकल कर्मियों पांच गाड़ियों की मदद से सवा घंटे में आग पर काबू पाया।
प्रत्यक्षदर्शी श्रीराम फोटे के यशवीर सिंह ने बताया कि संयोग था कि कई दुकानें बंद थीं। पास में मौजूद बैंक व स्कूल भी बंद था। यही नहीं रविवार होने के चलते सड़क खाली थी। अगर सोमवार को आग लगने की घटना हुई होती तो स्थिति भयावह होती। अन्य दिनों में सड़क भी खचाखच भरा रहती है। ऐसे में सूचना के बाद अग्निशमन की एक के बाद एक पांच गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंच पातीं। यही नहीं स्कूल व बैंक में सूचना के बाद भगदड़ की स्थिति रहती। आग लगने की सूचना के बाद लोग पैनिक हो जाते हैं। आग पर काबू पाने की जगह खुद सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की होड़ सी लग जाती है।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी रोहित सिंह ने बताया कि जिस तरह से कुछ ही देर में अग्निशमन विभाग के अधिकारी व कर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने में जुट गए। अगर रविवार को छोड़कर कोई और दिन होता तो स्थिति भरावह होती। आग शोरूम के साथ-साथ कई दुकानें, होटल के कमरों को अपनी आगोश में ले लेती, तब आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता।

चटक कर गिर रहे कांच से चोटिल होने के बाद लगे रहे दो फायर कर्मी
आग लगने की सूचना के बाद सबसे पहले दो छोटी गाडि़यों के साथ द्वितीय अग्निशमन अधिकारी राजमंगल सिंह ने तीन बड़ी गाड़ियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद वह अपनी 28 सदस्यों की टीम के साथ आग पर काबू पाने में जुट गए। इस दौरान राजमंगल सिंह आग के चलते चटक कर गिरे कांच के टुकड़े से चोटिल हो गए। शोरूम में बने धुएं का गुबार हटाने के लिए कांच तोड़ते समय फायर कर्मी अखिलेश यादव के ऊपर कांच गिर गया, जिससे उनको चोटें आईं। आग बुझाने के दौरान दीवार से चटक रहे पीओपी व सीमेंट के टुकड़ों से बचने के चलते फायर कर्मियों को आग बुझाने में काफी परेशानी हुई।
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शाॅर्ट सर्किट से लगती है आग

आग लगने की प्रमुख वजह शॉर्ट सर्किट का माना जाता है। शहर के बाजारों, चौक चौराहों में उलझे तार नजर आते हैं। इसमें आए दिन स्पार्किंग होती रहती है। इससे निकलने वाली चिंगारी आग का बड़ा रूप ले लेती है। बाजारों में लगी आग पर काबू पाना काफी मुश्किल होता है। संकीर्ण गलियों में दुकानों के ऊपर बिजली के तारों का जंजाल है। तार भी काफी जर्जर हैं। इसमें स्पार्क होता रहता है। आग से बचने के लिए इन तारों को अंडरग्राउंड करना या इन्हें बदलना जरूरी है।



संकरी गलियों में खोल ली दुकानें, फायर सेफ्टी का इंतजाम नहीं

आग लगने की घटनाएं हमेशा से ही चुनौती रही हैं। इससे भी बड़ी समस्या यह है कि बार-बार चेतावनी के बाद भी देवरिया के लोग इसके प्रति सचेत नहीं हो रहे हैं। शहर में कई संकरी गलियां हैं, जहां आग लगने पर भयंकर नुकसान हो सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि शहर के किसी भी मार्केट में फायर सेफ्टी देखने को नहीं मिलता, जबकि इन मार्केट में हर दिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है। लाखों रुपये का कारोबार होता है।
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संचालक से चार्ज की होगी वसूली
आग की घटना में फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां करीब सवा घंटे तक शोरूम में लगी आग बुझाने में जुटी रहीं। द्वितीय अग्निशमन अधिकारी राजमंगल सिंह ने बताया कि विभाग के नए नियम के तहत सरचार्ज की वसूली की जाएगी। इसके तहत जनहित से जुड़ी घटनाएं नहीं शामिल होंगी। कामर्शियल दुकानें, प्रतिष्ठानों में आग से निपटने के बाद अग्निशमन विभाग उन पर सरचार्ज भी लगाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग के नए नियम की जानकारी ले रहा हूं। इसके बाद प्रतिष्ठान के मालिक को सरचार्ज के बारे में जानकारी देते हुए चालान के माध्यम से सरचार्ज जमा करवाया जाएगा।
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