रेल परियोजना से प्रभावित गांव में चकबंदी का किसानों ने विरोध किया।
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सलेमपुर में रेल परियोजना से प्रभावित गांव में चकबंदी का किसानों ने विरोध किया। किसानों का उग्र तेवर देख चकबंदी विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। किसानों ने परियोजना से प्रभावित गांवों में चकबंदी नहीं कराने की मांग उठाई।
भाटपाररानी तहसील के गांवों की चकबंदी हो रही है। इसमें भटनी-हथुआ नई रेललाइन परियोजना से प्रभावित कई गांव भी शामिल हैं। परियोजना से प्रभावित गांवों के किसान चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रभावित गांवों को छोड़कर दूसरे गांवों की चकबंदी कराई जाए। चकबंदी विभाग के अफसर सभी गांवों की चकबंदी एक साथ करने पर अड़े हैं जिसको लेकर किसानों में आक्रोश है।
शनिवार दोपहर में चकबंदी विभाग के सीओ संजय राय के नेतृत्व में टीम घांटी, रायपुर और लालचक गांव में पहुंची। रेल परियोजना से प्रभावित इन गांवों के किसानों ने चकबंदी करने से मना कर दिया। इस दौरान किसानों और चकबंदी विभाग के टीम के बीच कहासुनी भी हुई। किसानों का आक्रोश देख चकबंदी विभाग की टीम वापस लौट गई। किसानों ने कहा कि शासन के दबाव में अफसर जबरन चकबंदी करना चाहते हैं। जब तक रेल परियोजना का मामला हल नहीं होगा तब तक किसान विरोध करेंगे। इस बाबत चकबंदी विभाग के सीओ संजय राय ने बताया कि चकबंदी के लिए दो तीन गांवों में टीम गई थी। लेकिन किसान चकबंदी नहीं कराना चाहते हैं। चकबंदी का विरोध होने पर टीम वापस चली आई।