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खेल सुविधा होने के बावजूद जिम्मेदार पिछले सत्रों में नहीं तैनात कर पाए एक प्रशिक्षक
10 साल में भी नहीं तैयार हो सकी बास्केटबाल की नर्सरी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में बास्केटबाल कोर्ट की मरम्मत की तैयारी की जा रही है। वर्ष 2012 में यह कोर्ट यहां बनी थी। लेकिन, प्रशिक्षक की तैनाती अब तक किसी भी सत्र में न किए जाने से बास्केटबाल कोर्ट की नर्सरी तैयार नहीं हो पाई। इससे इसके औचित्य पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।
खेल निदेशालय की ओर से वर्ष 2012 में देवरिया स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 60 लाख रुपये की लागत से बास्केटबाल कोर्ट बनाई गई। इसमें सिंथेटिक बनाने व गिट्टियां सेट करने के लिए दक्षिण कोरिया से विशेष रूप से एक इंजीनियर आया था। कोर्ट तैयार होने के बाद उम्मीद जगी थी कि जिले में इस खेल को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और यहां से सीखकर निकले खिलाड़ी प्रदेश, देश में यहां का नाम रोशन करेंगे।
दुख की बात यह रही कि खेल निदेशालय के जिम्मेदार 10 साल तक एक प्रशिक्षक की तैनाती नहीं कर पाए। इससे यहां बास्केटबाल की नर्सरी नहीं तैयार हो पाई। पिछले दस सालों में ही अब सिंथेटिक कोर्ट से रबरयुक्त गिट्टियां उखड़ चुकी हैं।
वर्ष 2021 में शासन की ओर से स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 618.78 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था। इसमें 40 बेड के छात्रावास निर्माण के अलावा स्टोर रूम, बास्केटबाल कोर्ट का जीर्णोंद्धार, तरणताल की मरम्मत, वाॅलीबाल कोर्ट की फेंसिंग सहित अन्य निर्माण कार्य होने थे।
2022 में शासन की ओर से एक करोड़ रुपये जारी किया गया और निर्माण के लिए यूपी आरएनएस निर्माण खंड गोरखपुर प्रथम को एजेंसी चुना गया। एजेंसी की ओर से कुछ निर्माण कार्य पूरा किए जाने के बाद अब बैडमिंटन हाॅल व बास्केटबाल कोर्ट की मरम्मत की तैयारी की जा रही है।
खिलाड़ी बोले- मरम्मत हो, लेकिन खेल सुविधा भी बढ़े
स्टेडियम में प्रतिदिन अभ्यास करने वाले शिवम शुक्ला, आकाश ओझा, प्रशांत यादव, राकेश पाल ने बताया कि खेल सुविधा बढ़े, मरम्मत कार्य हो, लेकिन जिम्मेदारों को जिन खेलों में सुविधा है, लेकिन प्रशिक्षक नहीं है, उसे कैसे आगे बढ़ाया जाए, इसके लिए गंभीर प्रयास करना चाहिए।
बास्केटबाल कोर्ट बने 10 साल से अधिक समय हो गया, अभी तक प्रशिक्षक नहीं दिया जाना इस खेल व खिलाड़ियों के भविष्य के साथ मजाक करने जैसा है। समय से प्रशिक्षक मिला होता तो इस खेल में आज जिले का बड़ा नाम होता।
स्टेडियम में तरणताल का मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है। छात्रावास का निर्माण अंतिम दौर में है। जल्द ही बैडमिंटन हाॅल और बास्केटबाल कोर्ट की मरम्मत का कार्य शुरू होगा। बास्केटबाल के प्रशिक्षक की तैनाती के लिए खेल निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी