फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी की लड़ाई में है पैना का अपना इतिहास

विज्ञापन
बरहज के पैना शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि देते डीएम और गणमान्य संव? - फोटो : DEORIA
विज्ञापन
आजादी की लड़ाई में है पैना का अपना इतिहास
विज्ञापन

डीएम ने किया दीपदान, वीर-वीरांगनाओं को दी श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के पैना स्थित स्मारक पर शहीदों के सम्मान में रविवार को बलिदान दिवस का आयोजन किया गया। डीएम जेपी सिंह ने पूजा-अर्चना की। लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए सरयू तट पर दीपदान किया।
शहादत दिवस पर डीएम ने कहा कि 1857 की क्रांति में पैना गांव के वीर-वीरांगनाओं के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है। शहीदों के सम्मान में गांव और क्षेत्र के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने चिकित्सक विहीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर तैनात कराने का आश्वासन दिया। उधर, पैना शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में डीएम जेपी सिंह ने सीबीएसई 12वीं की जिला टॉपर कोमल सिंह पुत्री यशवंत सिंह को सम्मानित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मेहनत और लगन से आगे बढ़ने को कहा। इस मौके पर एसडीएम गजेंद्र सिंह, सीओ पंचम लाल, एडीओ पंचायत हरेंद्र सिंह, संजय सिंह, डॉ. बीके सिंह, डॉ. डीके सिंह, नवनीत सिंह, प्रधान रविप्रताप सिंह, घनश्याम सिंह, पद्माकर मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

मांगलिक कार्यक्रमों में सर्वप्रथम होता है सती पूजन
बरहज। सरयू नदी तट पर बसा पैना गांव का इतिहास कुर्बानियों से भरा है। आज भी गांव में कोई भी मांगलिक कार्यक्रम सती पूजन से शुरू किया जाता है। वीर-वीरांगनाओं की याद में सती घाट पर छोटे-बड़े मंदिर भी बनाए गए हैं। 1857 की क्रांति में रणबांकुरों ने तिरंगा लहराकर गांव को आजाद घोषित कर लिया था। इसमें 395 लोगों ने शहादत दी थी। आठ लोगों को फांसी की सजा दी गई थी। पैना में बगावत के सरदार रहे ठाकुर सिंह, अयोध्या सिंह, माधव सिंह, देवीदयाल सिंह आदि अंग्रेजों के हाथ नहीं लगे। उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। गांव के लोगों के अनुसार नाराज ब्रिटिश सैनिकों ने गांव को घेर लिया था। जहां सौ से अधिक महिलाओं ने जौहर दिखाते हुए जहाज को डुबो दिया था।
स्वास्थ्य मेले में दो डॉक्टर रहे अनुपस्थित
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने न्यू पीएचसी पैना में आयोजित स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण किया। इसमें दो डॉक्टर अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने दोनों अनुपस्थित डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

जिलाधिकारी ने बताया कि न्यू पीएचसी पैना में डॉ. पीएन तिवारी तथा डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता बिना किसी पूर्व सूचना के स्वास्थ्य मेले में अनुपस्थित मिले हैं। यह दोनों डॉक्टरों के कार्य में लापरवाही को दर्शाता है। उनके एक दिन के वेतन कटौती के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें