नौकरी देने के नाम पर बेरोजगारों से की लाखों की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। क्षेत्र के चौथिया गांव और भाटपाररानी के बनकटा मिश्र गांव निवासी बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर साढ़े दस लाख की ठगी करने वाले आरोपी की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने एक बार फिर खारिज कर दी है। आरोपी के विरुद्ध भटनी थाने में धोखाधड़ी आदि के दो केस दर्ज है। एक माह पहले ही हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर प्रदेश सरकार से ऐसे लोगों के विरोध कठोर कानून बनाने व मासूम लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की बात कही थी। हाईकोर्ट प्रयागराज के इस आदेश से अभी आरोपी को जेल में ही रहना होगा।
भाटपार रानी थाना क्षेत्र के बनकटा मिश्र गांव निवासी संतोष प्रसाद की बहन की शादी भटनी के चौथिया गांव में हुई है। जून 2021 को भांजे की शादी तय होने की जानकारी पर संतोष चौथिया गांव बहन के घर पहुंचा। जहां बेटी की शादी करने आए भटनी के बनरही गांव निवासी शख्स ने दामाद को एफसीआई में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया। यह देखकर संतोष व अन्य रिश्तेदारों ने भी अपने बेटे को नौकरी दिलाने की अपील की। शख्स ने अपने भतीजे चंद्रशेखर का मोबाइल नंबर देकर बात करने के लिए कहा। पीड़ितों ने चंद्रशेखर से बात की तो उसने प्रति नौकरी साढ़े तीन लाख रुपये लगने की जानकारी दी। पीड़ित ने जालसाजों के जाल में फंस कर उनके द्वारा बताए अकाउंट नंबर में पहले साढ़े चार लाख भेज दिया। जांच में खाता अलीगढ़ निवासी अभिषेक कुमार के नाम निकला। इससे परेशान पीड़ितों ने चंद्रशेखर से अपना कोई खाता नंबर देने के लिए कहा। इस पर आरोपी ने पीएनबी नोनापार में चल रहे खाते में शेष छह लाख रुपये मंगवा लिए।
इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर नियुक्ति पत्र भेज दिया। ज्वाइन कराने के दबाव पर आरोपियों ने तीनों युवकों को बिहार के छपरा में एक निजी मकान में करीब दो महीने रखा। फिर सर्टिफिकेट सत्यापन के बाद आने के लिए कहा। यह देखकर पीड़ितों को ठगी का एहसास हो गया। उन्होंने रुपये वापस करने की बात कही तो आरोपी ने घर से दुर्व्यवहार कर भगा दिया। पीड़ित पक्ष ने स्थानीय थाने में इसकी शिकायत की।
आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया और बाद में जांच करने की बात कहकर छोड़ दिया। पीड़ित संतोष व रामकिशुन प्रसाद ने न्यायालय में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 2022 में आरोपी चंद्रशेखर प्रसाद निवासी बनरही, पंकज कुमार गोंड निवासी पुतरी थाना भटनी और अभिषेक कुमार अज्ञात के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। कार्रवाई के कुछ महीनों बाद पुलिस ने चंद्रशेखर को मझौलीराज इलाके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
देवरिया न्यायालय से केस खारिज होने के बाद आरोपी ने प्रयागराज स्थित हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अख्तियार कर जमानत अर्जी को खारिज कर ऐसे लोगों पर कठोर कानून बनाने और इनके चंगुल में नहीं फंसने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। आरोपी ने एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में पुनः हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की, लेकिन हाईकोर्ट ने उसे भी खारिज कर दिया है।
सीओ भाटपाररानी शिव प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर तीनों आरोपियों पर भटनी थाने में धोखाधड़ी आदि के केस दर्ज हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है जबकि दो लोगों की तलाश की जा रही है।