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Deoria News: इन्हें नहीं है किसी का डर, ऑटो में भरते हैं ठसाठस सवारी

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देवरिया गोरखपुर रोड़ पर ओवरलोड़ सवारी बैठा कर ले जाता ऑटो चालक।संवाद
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देवरिया। नियमों की ऐसी की तैसी करते हुए शहर के ऑटो चालक जमकर मनमानी कर रहे हैं। वाहन की पिछली सीट पर तो ठसाठस सवारी भर रही रहे, यात्रियों के जान की परवाह न करते हुए आगे की सीट पर दोनों और सवारियां भी बिठाते हैं। सीट के नीचे इन्होंने साउंड सिस्टम फिट कर रखा है और बीच रास्ते में तेज आवाज में अश्लील गाने भी बजाते हैं।
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महिला यात्री ने आपत्ति की तो ठीक, अन्यथा यह अपनी मनमानी से बाज नहीं आते। उधर जिनके ऊपर यातायात नियमों को कड़ाई से पालन कराए जाने की जिम्मेदारी है उनके सामने ही हर दिन यह हो रहा है। आईजी रेंज जे रविंद्र के ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का आदेश यहां बेअसर सा है। बुधवार को शहर के कुछ चौराहों की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ।
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दोपहर 12 बजे
मालवीय रोड एवं कसया ओवरब्रिज
देवरिया से कसया के लिए सीधे सीएनजी वाले ऑटो चालक चलते हैं। साथ ही डुमरी, रामपुर कारखाना, सिरसिया, कंचनपुर, बंजरिया, तरकुलवा आदि जगहों के लिए ऑटो मिलते हैं। सुबह से लेकर शाम तक यह सवारियां ढोते हैं। सीटे छह से लेकर आठ तक ही हैं, लेकिन आगे पीछे मिलाकर यह 10 से 12 सवारियां बैठा ही ले रहे हैं।
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दोपहर एक बजे
कोआपरेटिव चौराहा
चौराहे से बैतालपुर, गौरीबाजार सहित अन्य जगहों के लिए सवारियां मिलती हैं। चालक सीट पर आगे सवारी बैठाने पर यातायात नियमों के अनुसार रोक है, हालांकि यहां के चालक इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते और आठ से दस सवारियां आगे बैठाने के बाद ही वाहन स्टार्ट करते हैं। खास बात यह है कि चौराहे पर यह जाम का कारण भी बन रहे हैं।

दोपहर 1:30 बजे, पीडब्लूडी के सामने, मेडिकल कॉलेज रोड के पास
यहां से सोनूघाट, परसिया, गड़ेर सहित अन्य जगहों के लिए ऑटो चालक सवारी भरते हैं। यहां तो सुबह 10 से लेकर शाम छह बजे तक यातायात पुलिस भी तैनात रहती है। लेकिन बीच सड़क पर खड़े होकर यह वाहन में पीछे के साथ ही आगे की सीट पर भी सवारी भरने के बाद ही आगे बढ़ते हैं। आलम यह है कि वाहन में निर्धारित सवारी ही बैठाने का नियम है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं किए जाने से इनका मन भी बढ़ता गया है।

आई रेंज के आदेश का नहीं दिख रहा असर, वाहनों में बजाते हैं बाजा
आईजी रेंज जे रविंद्र ने समस्या को देखते हुए मंडल के जिलों में अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके अनुसार पुलिस पहले एक सप्ताह जागरूक करेगी और इसके बाद सख्ती से कार्रवाई करेगी। अधिकारियों का मानना है कि ऑटो से होने वाले हादसों की प्रमुख वजह ओवरलोडिंग है। चालक ड्राइविंग सीट पर भी यात्रियों को बैठा लेते हैं। जिस कारण से वह वाहन चला नहीं पाते और ऐसे में हादसे हो जा रहे हैं।
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जिन मार्गों पर ऑटो ज्यादा चलते हैं, वहां औचक निरीक्षण करके नियमों का पालन नहीं करने वालों का चालान किया जा रहा है। प्रतिदिन तीन से चार वाहनों का चालान किया जाता है। ऑटो में साउंड सिस्टम बजाने वाले एवं आगे सवारी बैठाने वाले चालकों को यातायात नियमों के पति जागरूक किया जा रहा है।
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-गुलाब सिंह, टीएसआई
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