संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में सिविल लाइंस सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर आए दिन लगने वाले जाम की समस्या को देखते हुए देहात क्षेत्रों से आने वाले आटो चालकों को गोरखपुर ओवरब्रिज के पास ही रोक दिया जा रहा है। इससे इसका परिणाम यह है कि जाम की समस्या कुछ हद तक कम हुई है, हालांकि इसका विरोध भी आटो चालकों की ओर से शुरू हो गया है। इनका कहना है कि वह शहर में नहीं आएंगे तो सवारी ही नहीं पाएंगे। उधर यातायात पुलिस भी इन्हें शहर में न आने देने के लिए कमर कसी हुई है। उधर यातायात विभाग का कहना है कि विरोध कर रहे आटो चालकों से समझौता हो गया है। अब वह रागिनी मोड़ और गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे से सवारी भरेंगे।
शहर से देहात क्षेत्रों से आने वाले टेम्पो व ई-रिक्शा चालकों पर पिछले 10 दिनों से यातायात विभाग ने सख्ती करनी शुरू कर दी है। इससे शहर में आकर सवारी भरने वाले चालक परेशान हो गए हैं। वह निर्धारित स्थानों पर सवारियां न मिलने की बात कह रहे हैं। शुक्रवार को कसया रोड की तरफ से आ रहे एक टेम्पो चालक को मालवीय रोड पर ही यातायात पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद कसया बाईपास के नीचे खड़े रहने वाले आटो चालक भी उसके समर्थन में आ गए और कसया से देवरही मंदिर जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। मौके पर पहुंचे टीएसआई भूपेंद्र सिंह ने उनसे स्पष्ट कहा कि बाहरी टेम्पो व ई-रिक्शा का शहर में प्रवेश वर्जित है। कसया रोड से आने वाले चालक रागिनी मोड़ पर व पुरवा से आने वाले गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे अपनी सवारी उतारेंगे। शनिवार को टीएसआई ने बताया कि शुक्रवार को हुई वार्ता के क्रम में टेम्पो चालकों से समझौता हुआ था। नपा की ओर से आटो चालकों के लिए जगह निर्धारित किया गया है। यहां उनसे वसूली भी होती है। ऐसे में शहर में निर्धारित स्थानों से ही वह सवारी भरेंगे। ई-रिक्शा चालकों के लिए रुट निर्धारण का कार्य एआरटीओ करते हैं। हालांकि अभी तक इनके लिए शहर में कोई रुट निर्धारित नहीं किया गया है।