किराए के मकानों में भी रहते थे अतीक के करीबी
जेल में रहने के दौरान अबूबकरनगर और सोंदा में कई गुर्गों ने बनाया था ठिकाना
होटल से भी डाटा जुटा रही सीबीआई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। अतीक अहमद के जेल में बंद रहने के दौरान उनके करीबी शहर और आसपास के गांवों में किराए की मकान लेकर रहते थे। अधिकांश गुर्गों ने सोंदा और अबूबकरनगर मोहल्ले में ठिकाना बनाया था। जिले में रूकी सीबीआई टीम उनका ब्योरा जुटाने में लगी है। अतीक से मिलने वालों के बारे में शहर के प्रतिष्ठित होटलों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अप्रैल 2017 से दिसंबर 2018 तक पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद जिला जेल में बंद था। प्रयागराज समेत तमाम जगहों के रहने वाले उसके गुर्गे भी जिले में आ गए। जेल के पास सोंदा गांव में एक मकान को किराए पर लिया गया। इसके अलावा अबूबकरनगर मोहल्ले में कई जगहों पर किराए का मकान लेकर अतीक के गुर्गों ने ठिकाना बनाया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो जब अतीक को पेशी के लिए ले जाया जाता तो गुर्गे लग्जरी वाहनों से कैदी वाहन के आगे-पीछे चलते थे। गुर्गे अक्सर अतीक की बैरक और जेल में ही समय बिताते थे। सीबीआई ने जेल में अतीक से मिलने वालों की सूची से गुर्गों के बारे में पता कर रही है। उन मकानों की तलाश की जा रही है, जिन्हें किराए पर लिया गया था। मकान के बारे में जानकारी होने पर मकान मालिकों से पूछताछ की जाएगी कि किराए पर मकान देने से पहले किराएदारों का पता तस्दीक कराए थे कि नहीं, पुलिस को इस बारे में जानकारी दी गई थी या नहीं। यही नहीं, अतीक से मिलने वालों के बारे में यहां के प्रतिष्ठित होटलों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। सीबीआई टीम यह पता करने में जुटी है कि आखिर अतीक के कितने गुर्गे यहां रहते थे और क्या करते थे।