देवरिया जेल में बीस माह तक बंद रहा माफिया अतीक
हर रोज अच्छी खासी संख्या में आते थे मिलने वाले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला जेल में करीब 20 माह तक बंद रहे माफिया अतीक अहमद से मिलने वाले मुलाकातियों के बारे जेल मुख्यालय से ब्योरा मांगा गया है। इसकी सूची आला अफसरों को भेजी जानी है। इसको लेकर जितने दिन तक माफिया यहां रहा, उसके बारे में गहनता से जानकारी जुटाई जा रही है। इसी आधार पर आने वाले समय में माफिया से जुड़े लोगों पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।
माफिया अतीक अहमद 2018 से 2020 देवरिया जेल में बंद था। जेल में बंद होने के बाद जब उसने प्रापर्टी का काम करने वाले एक व्यक्ति का अपहरण करने बाद अपनी बैरक में बुलाकर पिटाई की थी। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद यहां से बरेली फिर साबरमती गुजरात की जेल में भेजा गया था। जेल विभाग के सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो शासन ने जेल के आला अफसरों से रिपोर्ट मांगी है कि जिन-जिन जेलों में अधिक समय तक अतीक रहा है। वहां मिलने वालों का ब्योरा तैयार किया जाए।
इसके कारण देवरिया जेल के अफसरों से भी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद पुराने रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है, क्योंकि उस समय मैन्युअल पर्ची पर मुलाकात होती थी।
देर शाम तक होती थी मुलाकात, सीसीटीवी हो जाता था बंद
देवरिया। उमेश पाल की हत्या के बाद एक बार फिर से जुर्म की दुनिया चर्चा में आया अतीक जब देवरिया की जेल में बंद था तो उसका अपना अलग ही राज चलता था। शहर के एक मोहल्ले के लोग काफी संख्या में हर रोज मुलाकात करने के लिए जाते थे। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो बैरक नंबर सात में हर रोज कम से कम दस से बीस लोग मिलने के लिए पहुंचते थे। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से उसके गिरोह के गुर्गे का आना-जाना होता था। जेल मैन्युअल को नजरअंदाज करने के लिए उस समय के तैनात जेल अफसर सीसीटीवी कैमरे को भी बंद करने का काम करते थे। इसकी पुष्टि उस समय हुई थी, जब उसके खिलाफ प्रापर्टी का काम करने वाले व्यक्ति ने अगवा कर पिटाई करने का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरा बंद पाया गया था। जेल के अंदर से अतीक को धमकी देने वाला ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस वक्त भी देवरिया की जेल में वह बंद था।
शाम को लग्जरी वाहन से कौन पहुंचता था
देवरिया। अतीक से मिलने के लिए शाम को लग्जरी वाहन से अक्सर मिलने वाले जाते थे। एक बार तो देर शाम भोजन ले जाने का वीडियो भी वायरल हुआ था। चर्चा थी कि अतीक को मनमाफिक भोजन शहर के एक मोहल्ले से बनवा कर भेजा जाता था। इसी जगह पर किराए का मकान लेकर उसके कुछ गुर्गे भी निवास करते थे।
कोट
अतीक मेरे कार्यकाल में जेल में यहां नहीं था। जब वह बंद था, उससे मुलाकात करने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही होगी। मामला हाईप्रोफाइल है। जो जानकारी आला अफसर मांगे हैं, वह दे दी जाएगी।
-भोला नाथ मिश्र, जेल अधीक्षक