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Deoria News: सरयू का जलस्तर कहीं थमा तो कहीं नीचे आया, खतरा बरकरार

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भागलपुर में सरयू नदी का जल स्तरफोटो- संवाद
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-सरयू का जलस्तर बरहज में पांच सेमी नीचे आया, तो भागलपुर में थमा
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-रुद्रपुर में गोर्रा खतरे के निशान से 10 सेमी बह रही है नीचे
-भदिला प्रथम बना टापू, परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन गांवों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बरहज में खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर बह रही सरयू नदी का जलस्तर 12 घंटे में पांच सेमी घटा है। वहीं भागलपुर में जलस्तर का बढ़ना रुक गया है, लेकिन अभी भी खतरे के निशान से 42 सेमी ऊपर बह रही है। रुद्रपुर में गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 मीटर से दस सेमी नीचे 70.40 मीटर और राप्ती 70.15 मीटर पर बह रही थी। नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती बंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा।
गोर्रा नदी रतनपुर के समीप लगे बोल्डर पिचिंग पर टक्कर मारने के बाद पिड़रा पुल के खंभे से टकरा रही है, जिससे एप्रोच धंसता जा रहा। पिड़रा पुल का एप्रोच फिर से धंसने से रुद्रपुर करहकोल मार्ग बाधित होने की संभावना बनी है। पुल के नीचे बैकरोल कर एप्रोच काे काट रही नदी के वेग को रोकने के लिए अब प्रशासन झाड़ झंखाड़ का सहारा ले रहा है। हालांकि नदी में डालते ही वह बह जा रहा। यहां लगातार दो साल से बरसात में एप्रोच धंसने पर मार्ग से आवाजाही बाधित हो जा रही है।
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बरहज
प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के जलस्तर में 12 घंटे में पांच सेमी की कमी दर्ज की गई है। सरयू के पीछे हटने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की है। बाढ़ से चारों ओर पानी ही पानी भर गया है। शनिवार की सुबह नदी का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 से 85 सेमी ऊपर 67.35, जबकि शाम चार बजे 67.30 मीटर पर था। राप्ती में आई बाढ़ से भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। वहीं नदी का पानी परसियां-विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कतलहिया, चौहान टोला, लोहार बस्ती, पुरानी-नई दलित बस्ती, बांके टोला, किशुन, जरलहवा सहित करीब एक दर्जन मोहल्लों तक पहुुंच गया है।
नदी पीडब्ल्यूडी बांध और कटइलवा नवीन बांध पर दबाव बना रही है। कपरवार उग्रसेन सेतु के निकट गोरखपुर जनपद का विस्थापित गांव कोलखास नई बस्ती में बाढ़ का पानी घुस गया है। सड़कों और दरवाजों पर बाढ़ का पानी आ जाने से लोगों का जीवन दुश्वार हो गया है। चारों ओर पानी ही पानी होने के कारण विषैले जीव-जंतुओं का भी खतरा बढ़ गया है। हालांकि 12 घंटे में सरयू के जलस्तर में पांच सेमी की आई नरमी से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। नदी कटान कर कपरवार के बिनोवापुरी स्थित रुद्रपुर मार्ग तक पहुंच गई है।

24 घंटे से नदी के जलस्तर में नरमी देखी जा रही है। हालात पर नजर रखा जा रहा है।

-अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग

भागलपुर में थमा सरयू का वेग, लेकिन अब भी खतरे के निशान से ऊपर
फोटो समाचार
भागलपुर
प्रतिनिधि के अनुसार पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश की वजह से सरयू नदी हफ्ते दिन से उफान पर थी, लेकिन शनिवार सुबह से जलस्तर स्थिर हो गया, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 42 सेमी ऊपर बह रही है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर शनिवार सुबह तुर्तीपार रेगुलेटर पर 64मीटर 72 सेमी पर स्थिर है और खतरा निशान से 42 सेमी ऊपर बह रही है। हफ्ते दिन से अपने वेग से तटवर्तियों की नींद उड़ाने वाली सरयू नदी शुक्रवार शाम से स्थिर हो गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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देवरहा बाबा आश्रम के चारों तरफ पूरा देवारा क्षेत्र पानी से डूबा

फोटो समाचार
मईल। उप जिलाधिकारी बरहज ने शनिवार को बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। सरयू नदी की बढ़ते पानी से देवरहा बाबा आश्रम के चारों तरफ पुरा देवारा क्षेत्र पानी से डूब गया है। शनिवार को उप जिलाधिकारी बरहज अंगद यादव तहसीलदार अरुण कुमार राजस्व टीम के साथ देवरहा बाबा आश्रम पहुंच कर वहां के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास से आश्रम की जानकारी ली व बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया।
आश्रम के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास महराज ने कहा कि देवारा क्षेत्र का चारागाह पानी से डूब जाने से सैकड़ों गायों के सामने चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं मईल के प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि सरयू के जलस्तर बढ़ने से अरहर, मक्का व धान की फसलें डूब गई हैं। सैकड़ों एकड़ जमीन पानी में डूबने से क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में चारे का संकट हो गया है। इस दौरान राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र कुमार, कृष्ण मुरारी पांडेय, अमरनाथ, अनुज चौधरी, गुड्डू चौधरी, अवधेश यादव,संदीप यादव, रामानुज यादव आदि उपस्थित थे।

फिर धंसने लगी पिड़रा पुल का एप्रोच

रुद्रपुर और एकौना प्रतिनिधि के अनुसार पिड़रा पुल का एप्रोच फिर से धंसने से रुद्रपुर करहकोल मार्ग बाधित होने की संभावना बनी है। पुल के नीचे बैकरोल कर एप्रोच का काट रही नदी के वेग को रोकने के लिए अब प्रशासन झाड़-झंखाड़ का सहारा ले रहा है, हालांकि नदी में डालते ही वह बह जा रहा। यहां लगातार दो साल से बरसात में एप्रोच धंसने पर मार्ग से आवाजाही बाधित हो जा रहा है।
शनिवार को गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 मीटर से दस सेमी नीचे 70.40 मीटर और राप्ती 70.15 मीटर पर बह रही थी। नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती बंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा। गोर्रा नदी रतनपुर के समीप लगे बोल्डर पिचिंग पर ठोकर मारने के बाद पिड़रा पुल के खंभे से टकरा रही है, जिससे एप्रोच धंसता जा रहा। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग एप्रोच के कटान को रोकने के लिए बंधों के किनारे लगे पेड़ की टहनियों को काट कर डाल रहा है। करीब दो घंटे बाद पेड़ की टहनियां भी बह जा रही। पिछले वर्ष एप्रोच का कटान रोकने के नाम पर सिंचाई विभाग ने पचलड़ी बेलवा, पलिया, पिड़रा करनपुर, पिड़रा भुसवल बांध से सैकड़ों पेड़ की टहनियों को कटवा दिया।
इस बार फिर एप्रोच धंसने पर दोआबा के लोगों को रास्ता बंद होने का भय बना है। तिघरा मराछी बांध पर राप्ती नदी भेड़ी के निकट बोल्डर पर कटान तेज कर दी है। नदी और बंधे के बीच खेती जमीन को नदी पूरी तरह से काट चुकी है। राप्ती नदी गायघाट और नकईल के तलशपुरवा के समीप कटान करती जा रही।
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इंसेट
फोटो समाचार
सरयू नदी पार परसियां देवार में पहुंची स्वास्थ्य टीम, की जांच

संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार में शनिवार को शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य टीम की ओर से हेल्थ वेलनेस सेंटर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जहां बाढ़ प्रभावित गांव और मजरों के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि दवा आदि सामान वितरित किया गया।
परसियां देवार में स्वास्थ्य टीम ने हेल्थ वेलनेस सेंटर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इसमें परसियां देवार के 26 और विशुनपुर देवार के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों के अधिकांश लोगों के स्वास्थ्य का जांच की गई। शिविर में गर्भवती महिलाओं का प्रेग्नेंसी जांच, टीकाकरण, ब्लड प्रेशर, सुगर आदि की जांच किया गया। वहीं बुखार, पेट दर्द, फंगल इंफेक्शन आदि से जुड़ी बीमारियों का दवा वितरित की गई। महिलाओं को सेनेटरी पैड भी दिया गया।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्री द्वारा संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान क्षेत्र में संपादित किया जा रहा है। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री और आशा कार्यकत्रियों से सहयोग करने को कहा। सीएमओ ने सार्वजनिक जगहों पर संचारी रोग के पोस्टर लगवाने के साथ-साथ फाॅगिंग, एंटी लार्वा आदि का छिड़काव कराने को कहा। स्वास्थ्य टीम ने स्टॉप डायरिया अभियान के तहत घर-घर जाकर ओआरएस जीवन रक्षक घोल, जिंक की गोलियां वितरित करते हुए लोगों को बचाव के लिए जागरूक किया।
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बाढ़ ग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों से पानी उबाल कर पीने, अच्छी तरह से हाथ धाेने, स्वच्छता और पोषक आहार लेने की सलाह दिया। मौके पर डॉ.हरेंद्र कुमार, अजीत कुमार शर्मा, सरिता, रंजना श्रीवास्तव, विजयंती, संजुला यादव, शंकर यादव, छोटेलाल, ओमप्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।
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