मानदेय के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
नारेबाजी की, डीएम को बुलाने पर अड़ीं, अफसरों से हुई नोकझोंक
देवरिया। मानदेय व प्रोत्साहन धनराशि, मोबाइल फोन देने सहित अन्य मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की। डीएम को मौके पर बुलाने को लेकर अड़ गईं, इसे लेकर एडीएम प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई।
तकरीबन डेढ़ घंटे के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुईं। कार्यकर्ताओं ने मांगों से संबंधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले विकास खंड भटनी, भाटपाररानी, बनकटा, लार सलेमपुर, गौरीबाजार की आशा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुईं। इसके बाद प्रदेश सचिव साधना पांडेय, जिलाध्यक्ष सीमा तिवारी, शंभू नाथ तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता नारेबाजी करते जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं।
डीएम की गैर मौजूदगी में एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ता जिलाधिकारी, सीएमओ व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बुलाने पर अड़ गए। करीब एक घंटे बाद एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह, डीसीपीएम राजेश गुप्ता पहुंचे और कार्यकर्ताओं को शांत कराने लगे। इस बीच अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि फरवरी माह से उनका व आशा संगिनी का मानदेय व अतिरिक्त कार्यों की प्रोत्साहन राशि बकाया है, जिसका शीघ्र भुगतान किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड प्रोत्साहन राशि के भुगतान में प्रदेश में धनउगाही की गई। इसे रोका जाए। साथ ही शिकायतों को सुनने के लिए प्रकोष्ठ बनाया जाए। कई जगह आशा कार्यकर्ताओं को मुकदमा दर्ज कराना पड़ा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। भुगतान में हेरफेर की जाती है। इसे रोकने के लिए भुगतान प्रणाली को जिला कोषागार से जोड़ा जाए। वहीं जिले में सभी आशा कार्यकर्ता अभी तक स्मार्ट फोन का वितरण नहीं किया गया है, अधिकारियों द्वारा आश्वासन ही दिया जा रहा है।
इसके बाद आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को संबोधित अलग-अलग ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मंडल संयोजक मीनू देवी आदि मौजूद रहीं।