संवाद न्यूज एजेंसी
गौरीबाजार। संचारी रोग नियंत्रण दस्तक अभियान के तहत ड्यूटी कर घर लौट रही एक आशा कार्यकर्ता की शुक्रवार को तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। सीएचसी के डॉक्टरों ने आशंका जताई कि तेज धूप और गर्मी के कारण आशा कार्यकर्ता हीट स्ट्रोक की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनकी हालत नाजुक थी। बर्दगोनिया गांव निवासी मेवाती (45) पत्नी रामकेवल निषाद करीब दस साल से आशा कार्यकर्ता के रूप में तैनात थीं। शुक्रवार को उसने गांव में घूम-घूमकर संचारी रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया। शाम को वह घर लौट रही थी। इसी दौरान बर्दगोनिया गांव में चक्कर आने से गिर गई। परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया। वहां हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों में मृत घोषित कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. बीएन गिरि ने बताया कि आशा कार्यकर्ता ड्यूटी से घर लौट रही थी। इस बीच तबीयत खराब होने से उसकी मौत हो गई है। आशंका है कि तेज धूप और गर्मी के कारण वह हीट स्ट्रोक की शिकार हो गई थीं। बताया कि इसकी जानकारी सीएमओ डॉ. राजेश झा सहित अन्य अधिकारियों को दी गई है।
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पति की अनुपस्थिति में भतीजे ने दी आशा वर्कर को मुखाग्नि
बर्दगोनिया निवासी आशा कार्यकर्ता मेवाती देवी के पति रामकेवल दुबई में रहते हैं। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव का दाह संस्कार शनिवार को कर दिए। मुखाग्नि उसके भतीजे अभिमन्यु निषाद ने दी। उसकी आकस्मिक मौत से परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है। सुबह आशा कार्यकर्ता के घर बर्दगोनियां पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार 45 वर्षीय आशा वर्कर मेवाती देवी गौरी बाजार सीएससी पर पिछले दस वर्षों से कार्यरत थी। उसकी ड्यूटी बर्दगोनियां गांव में थी। उसके पति रामकेवल निषाद दुबई में रहते हैं। घर पर सास, ससुर मिठाई निषाद, देवर राम नवल निषाद एवं अन्य परिवारजन रहते है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।