एलर्जी और सांस के मरीजों की बढ़ रही दिक्कत
सोमवार से तीन दिन तक बन रहे बारिश के आसार, बदलेगा हवा रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। एक्यूआई का स्तर शनिवार को 172 रहा। इसके कारण सुबह शहर के वातावरण में नौ बजे तक धुंध की चादर छाई रही। इसके चलते टहलने निकले लोगों की आंखों में जलन हो रही थी। पारा 42 डिग्री पहुंचने से गर्मी बढ़ने के साथ तेज हवा चलने से धूल उड़ रही है। वहीं, पराली जलाने के कारण वायुमंडल में प्रदूषण बढ़ा है। इसके चलते आंख के अलावा लोगों को एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। जबकि दो दिन बाद मौसम में बदलाव होगा और तीन दिन तक बारिश के आसार बन रहे हैं। साथ ही हवा का रुख बदलेगा और पुरवा हवा चलेगी।
ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु पर असर पड़ रहा है। तापमान भी बढ़ रहा है। इधर, पांच दिन में पारा 42 से 43 डिग्री तक पहुंच जा रहा है। वहीं, पराली व कूड़ा जलाने, धूप व तेज पछुआ हवा के चलते धूल और जगह-जगह निर्माण कार्य के लिए रखा बालू उड़ रहा है। गर्म हवा के साथ धूल के कण ऊपर उठ रहे हैं और वायुमंडल में एक लेयर बन गई है। इसके कारण प्रदूषण बढ़ रहा है।
शनिवार को शहर व आसपास के क्षेत्रों में धुंध छाई रही। सुबह घर से मार्निग वाॅक पर निकले लोगों को दिक्कत हुई। आंख में जलन महसूस हुई और खुजली के साथ पानी आने की शिकायत करते दिखे।
सुबह घर से टहलने के लिए निकलने पर मौसम अचानक बदला था। आसमान में धुंध छाई थी। कुछ दूर जाने के बाद आंख में जलन होने लगी। आगे बढ़ने पर परेशानी होने लगी। इसके बाद लौट आया। कुछ देर बाद धूप निकली।
-शमीउल्लाह, पड़री
सुबह मौसम में परिवर्तन दिखा। हर रोज की तरह मार्निंग वाॅक पर निकलने पर धुंध का नजारा दिखा। अचानक आंख में जलन शुरू हो गई। मसलने पर पानी आने लगा। इसके बाद रास्ते से ही घर आ गया। ठंडा पानी से धोने पर राहत मिली। पता चला कि प्रदूषण के कारण दिक्कत हुई है।
-विकास कुमार, बैतालपुर
वातावरण में प्रदूषण बढ़ने से धुंध हो जाती है। इसकी वजह से लोगों को आंख में दिक्कत हो सकती है। धूप और प्रदूषण के कारण आंख में जलन होती है। मसलने से आंख में चुभन और लाली भी हो जाती है। ऐसे में चश्मा लगाना चाहिए। धूप में निकलने पर बचाव के लिए चश्मा जरूर लगाएं। जलन होने पर तत्काल ताजा और ठंडे पानी से आंख को धोना चाहिए। इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और उनकी सलाह पर ड्राॅप डालें व दवा लें। अपने मन से ड्राॅप लेकर नहीं डालना चाहिए।
-डॉ. प्रकाश कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
प्रदूषण की धुंध होने के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ता है और दिक्कत बढ़ जाती है। एलर्जी के लक्षण वालों को इसकी वजह से आंख से पानी, जलन, सांस फूलने की परेशानी बढ़ जाती है। अस्थमा और सीओपीजी के मरीज में इससे दिक्कत की आशंका होती है। प्रदूषित हवा के कारण सांस की दिक्कत होती है। ऐसे में धूल, धुआं से दूर रहें, मास्क पहनें, धूप में कम निकलें, तला, भुना, बाहर खुले में बिकने वाले सामान, खट्टी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
-डॉ. अनुराग शुक्ला, चेस्ट व टीबी के विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज
धुंध का मुख्य कारण प्रदूषण ही रहा। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है। तमाम गैसें ग्लोबल वार्मिंग की जिम्मेदार हैं। इसके चलते जलवायु में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। कभी तापमान बढ़ रहा है तो कभी घट जा रहा है।
-प्रो. हरिशंकर गोविंद राव, वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष, बीआरडीपीजी कॉलेज
मौसम बदलेगा। तीन दिन बाद देर रात से बारिश की संभावना है, जो तीन से चार दिन होगी। रविवार को तापमान बढ़ने के आसार हैं। इसकी वजह से मौसम गर्म रहेगा। इसके बाद तापमान में गिरावट होगी। वहीं, बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। अभी रविवार को पछुआ हवा चलेगी। सोमवार से हवा का रुख बदलेगा और पुरवा हवा चलेगी।
-अतुल कुमार सिंह, मौसम विज्ञानी
बंगाल की खाड़ी में उच्च वायु दाब के कारण प्री मानसून की स्थिति बन रही है। बंगाल में इसे काल बैसाखी कहा जाता है। उसमें आंधी तूफान के साथ गरज चमक के साथ बारिश की संभावना रहती है। पुरवा और पछुआ हवा का संक्रमण हो रहा है। इसमें बंगाल की खाड़ी से हवा आ रही है, जो पछुआ हवा के साथ संक्रमण कर रही है। पछुआ हवा धीरे-धीरे उत्तर दिशा में लद्दाख की ओर बढ़ रही है। इससे दो से तीन दिन में बारिश की संभावना बन रही है।
-डॉ. उदयभान मद्धेशिया, असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल विभाग, बीआरडीपीजी कॉलेज