बनकटा-अमेठिया व महाइचपार गांव के सामने दोना नाले पर पक्के पुल के संपर्क मार्ग में मुआवजे का पेंच
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संवाद न्यूज एजेंसी
लार। बनकटा-अमेठिया-महाईचपार गांव के सामने चार करोड़ की लागत से दोना नाला पर पक्का पुल चार वर्ष पहले बन गया है। एक तरफ संपर्क मार्ग नहीं होने से पुल से आवागमन नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे किसानों को मुआवजा नहीं मिलना बताया जा रहा है। ऐसे में इलाके के लोगों को पुल का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लार ब्लाॅक के बनकटा अमेठिया, अईठी, चौधुर छापर, ससना, कठघरा, धरहनिया, डरैला, कुरमौली सहित इलाके के पंद्रह से अधिक गांव दोना नाला के उस पार हैं। इन गांवों के लोगों व छात्र-छात्राओं को स्कूल-काॅलेज जाने के लिए बिहार के रास्ते 15 किलोमीटर घूमकर सलेमपुर और भाटपाररानी क्षेत्र में आना पड़ता है। चार वर्ष पहले लगभग चार करोड़ की लागत से सेतुनिगम की ओर से दोना नाले पर पक्के पुल का निर्माण कराया गया। महाईचपार की तरफ संपर्क मार्ग बन चुका है। बनकटा-अमेठिया की तरफ संपर्क मार्ग का कार्य होने वाला था। तभी गांव के सत्यप्रकाश सिंह, उमेश सिंह, संजय सिंह, राजू सिंह, अशोक सिंह, धर्मवीर सिंह सहित कई किसानों ने भूमि के बदले मुआवजे की मांग करते हुए संपर्क मार्ग का कार्य रोक दिया। इसके बाद से संपर्क मार्ग नहीं बन पाया।
अगर पुल पर संपर्क मार्ग बन जाता है तो तहसील व ब्लाॅक मुख्यालय आने के लिए तीन से चार किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। वहीं, घटना होने पर पुलिस भी इन गांवों में समय से पहुंच सकेगी।
चार वर्ष पहले पुल का निर्माण शुरू हुआ तो लगा कि अब जल्द ही इसका लाभ मिलने लगेगा। लेकिन संपर्क मार्ग नहीं होने से अब भी बिहार होकर आना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी होती है।
-अरुण सिंह
संपर्क मार्ग नहीं होने से पुल बेमतलब साबित हो रहा है। सेतु निगम को जल्द किसानों को मुआवजा देकर संपर्क मार्ग बनवा देना चाहिए। ताकि जल्द आवागमन शुरू हो सके।
-भोला सिंह
पुल पर संपर्क मार्ग नहीं होने से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दूरी अधिक होने से अक्सर विद्यालय विलंब से पहुंचते हैं।
-प्रतिभा त्रिपाठी, प्रबंधक आंबेडकर इंटरनेशनल स्कूल, मटियरा जगदीश
पुल के रास्ते आवागमन शुरू नहीं होने से 15 किलोमीटर बिहार होकर भाटपाररानी व सलेमपुर आना पड़ता है। धन खर्च होने के साथ ही पूरा दिन आने-जाने में व्यतीत हो जाता है।
-रिंटू कुशवाहा
पटनेजी खरवनियां गंडक नदी पुल पर नहीं बना संपर्क मार्ग
लार। ब्लाॅक के पटनेजी खरवनियां गांव के सामने गंडक नदी पर 12 करोड़ से अधिक की लागत से पक्का पुल बनकर तैयार है। पुल के दोनों तरफ संपर्क मार्ग नहीं होने से आवागमन शुरू नहीं हो सका है। नदी उस पार खरवनियां नवीन गांव के लोगों को ब्लाॅक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने के लिए दस से बारह किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। यहां भी किसानों ने अपनी भूमि का हवाला देकर मुआवजे की मांग को लेकर पुल के दोनों तरफ बनने वाले संपर्क मार्ग के कार्य को रोक दिया है। यहां सबसे अधिक परेशानी बच्चों को होती है। वह जान जोखिम में डालकर नाव से पढ़ने आते हैं। अगर पुल पर संपर्क मार्ग बन जाता तो ब्लाॅक मुख्यालय की दूरी दो से तीन किलोमीटर हो जाएगी।