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Deoria News: बाबुल के घर से डोली में बैठकर विदा हुई अंजली

Sat, 13 May 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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बैतालपुर के करजहां गांव से बाबुल के घर से डोली में बैठकर विदा हुईं अंजली।संवाद
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लुप्त हुई परंपरा को देखने के लिए रास्ते में उमड़ी लोगों की भीड़, बलिया से मंगाई गई थी डोली
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संवाद न्यूज एजेंसी
देसही देवरिया। आज के दौर में लोगों के बीच भौतिक चकाचौंध में अपनी पारंपरिक रीति- रिवाजों को भूलकर आधुनिकता का अंधाधुंध अनुसरण करने की होड़ सी लगी हुई है। लेकिन एक दुल्हन ने शुक्रवार को अपने बाबुल के घर से डोली में विदा होकर लुप्त हुई इस परंपरा को जीवंत कर दिया। मायके के लोग सिवान तक साथ गए, उसके बाद ससुराल पक्ष के लोग डोली के साथ नाचते-गाते बैंडबाजे के साथ अपने घर तक पहुंचे। कभी हमारी माटी की शान और मूल मर्यादा रही इस सफर की एक झलक पाने को लोग सड़क किनारे उमड़ पड़े। पूरे क्षेत्र में इस बात की खूब चर्चा है। देसही देवरिया विकास खंड क्षेत्र के जंगलबेलवा गांव के रहने वाले राज नारायण सिंह के बेटे संदीप सिंह की बारात सज-धज कर बुधवार शाम बैतालपुर विकास खंड क्षेत्र के करजहां गांव में विजय सिंह के घर पहुंची। वहां देर रात तक शादी की सारी रस्में पूरी की गईं। बृहस्पतिवार को बारात मरजाद रही। तीसरे दिन शुक्रवार सुबह बारात विदा हुई। दुल्हन अंजली अपने बाबुल के घर से डोली में बैठकर विदा हुई। मायके के लोग गांव के बाहर सिवान तक साथ आए। वहां से वह दूल्हा संदीप के साथ डोली में बैठकर ससुराल के लिए निकली। ससुराल पक्ष के लोग बैंडबाजे के साथ घर तक पीछे-पीछे साथ-साथ चलते रहे। महिलाएं भी मंगल गीत गाती रहीं। दोनों गांवों की दूरी करीब सात किलोमीटर है। भौतिक चकाचौंध के बीच टीवी और अतीत के पन्नों में सिमट कर रह गई इस परंपरा को दोनों परिवारों ने मिलकर एक बार फिर मानों जीवंत कर दिया। रास्ते में सजी-धजी डोली और अपनी माटी से जुड़ी इस संस्कृति व परंपरा की एक झलक पाने के लिए लोगों की जगह-जगह भीड़ उमड़ पड़ी। जिसकी भी नजर पड़ी, उसके मुंह से सहसा यह शब्द निकल ही पड़ रहे थे कि यही तो कभी हमारी पहचान रही है।
मर्चेंट नेवी में अफसर हैं संदीप
विवाह के साथ फेरों में बंधी दुल्हन अंजली महाराष्ट्र में डी फार्मा कर रही हैं। वहीं दूल्हा संदीप मर्चेंट नेवी में अफसर हैं। दोनों अपनी शादी को लेकर काफी उत्साहित हैं।
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बलिया से मंगाई गई थी डोली
अंजली के चाचा संजय सिंह ने बताया कि डोली इधर नहीं मिली। इसलिए बलिया से मंगानी पड़ी। पिकअप पर लादकर लाई गई। इसमें 30,000 रुपये खर्च हुए।
दोनों परिवारों में हैं लग्जरी गाड़ियां
दूल्हा और दुल्हन, दोनों परिवार संपन्न हैं। उनके वहां लग्जरी गाड़ियां हैं। कन्या पक्ष का कहना है कि यह अवसर जीवन में केवल एक बार ही आता है। इसलिए इसे माटी की परंपरा से जोड़कर कर उन्हें बहुत बड़ी खुशी मिली। बयां नहीं कर सकते।
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